खाड़ी देशों में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और US-Iran के बीच जारी विवाद के कारण हवाई यात्रा पर गहरा असर पड़ा है। 7 जुलाई 2026 के बाद से स्थिति बिगड़ने के चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के समय में बदलाव किया है या उन्हें पूरी तरह रोक दिया है। इसका सीधा असर दुबई, अबू धाबी, कुवैत और बहरीन जैसे प्रमुख केंद्रों के साथ-साथ सऊदी अरब, जॉर्डन, इराक और लेबनान जाने वाले यात्रियों पर पड़ा है।
एयरलाइंस ने सेवाएं क्यों बदलीं
EASA (European Union Aviation Safety Agency) ने 14 जुलाई को सलाह दी थी कि एयरलाइंस 29 जुलाई 2026 तक बहरीन, कुवैत, कतर, UAE और ओमान की खाड़ी के हवाई क्षेत्र से उड़ान न भरें। इसके अलावा, 18 जुलाई को US State Department ने एक ‘वर्ल्डवाइड कॉशन’ जारी किया, जिसमें विमानों के रद्द होने और हवाई क्षेत्र बंद होने की संभावना जताई गई। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने भी 9 और 16 जुलाई को ड्रोन और मिसाइल रोके जाने की पुष्टि की थी।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
कई एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं अक्टूबर के अंत तक निलंबित कर दी हैं। Cathay Pacific, Singapore Airlines और ITA Airways की दुबई और रियाद के लिए उड़ानें अक्टूबर के अंत तक बंद रहेंगी। Lufthansa Group ने भी 24 अक्टूबर तक अबू धाबी, अम्मान और तेहरान के लिए सेवाएं रोक दी हैं। British Airways ने अपनी टिकट लचीलापन नीति को 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है। जो भी यात्री इन क्षेत्रों की यात्रा करने वाले हैं, उन्हें अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करना चाहिए और एयरलाइंस द्वारा दी जा रही रीबुकिंग या रिफंड की सुविधा का लाभ लेना चाहिए।
