Gulf Health Council ने नशीली दवाओं की लत को पहचानने के लिए कुछ शुरुआती संकेतों की जानकारी दी है। इसका मकसद यह है कि परिवार और अभिभावक समय रहते अपने बच्चों या करीबियों में हो रहे बदलावों को समझ सकें। अगर सही समय पर पहचान हो जाए, तो इलाज और सुधार आसान हो जाता है।

काउंसिल ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति अचानक लोगों से दूरी बनाने लगे, चुपचाप रहने लगे या उसके स्वभाव में बहुत ज़्यादा बदलाव आए, तो यह चिंता की बात हो सकती है। इसके अलावा, बेवजह घबराहट होना, मूड बदलना, बार-बार झूठ बोलना और आक्रामक व्यवहार करना भी ड्रग्स की लत के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

UAE के National Rehabilitation Centre (NRC) ने भी इस बारे में ज़रूरी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि बच्चों में खाने-पीने और सोने की आदतों में बदलाव आना, घर से कीमती सामान या पैसों का गायब होना और साफ़-सफ़ाई पर ध्यान न देना बड़े संकेत हैं। शारीरिक लक्षणों में अचानक वजन कम होना, आंखों का लाल होना, हर समय थकान महसूस करना और हाथों का कांपना शामिल है।

GCC देशों में इस समस्या से लड़ने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने ‘Gulf Strategy for Combating Drugs (2025 – 2028)’ का ऐलान किया है। यह एक ऐसा फ्रेमवर्क है जिसका लक्ष्य नशीली दवाओं की सप्लाई और डिमांड को कम करना और कानून को मज़बूत करना है। सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए हाई-लेवल मीटिंग में हिस्सा लिया है ताकि रोकथाम और इलाज के तरीके एक जैसे हो सकें।

NRC के CEO Yousef Altheeb Alketbi ने कहा कि UAE की रणनीति अब नशे की लत को अपराध के बजाय एक पुरानी बीमारी के रूप में देखने की है, जिसे प्रोफेशनल इलाज और सामाजिक सहारे की ज़रूरत होती है।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि नशे का सीधा असर मानसिक सेहत पर पड़ता है। ‘Something Loses Everything’ कैंपेन के दौरान यह बात सामने आई कि किशोरों में डिप्रेशन के लगभग 34% मामले ड्रग्स की लत से जुड़े होते हैं।

नशे की पहचान के लिए मुख्य संकेत

  • व्यवहार में बदलाव: परिवार से दूरी, पढ़ाई या काम से अनुपस्थिति और झूठ बोलना।
  • शारीरिक लक्षण: आंखों की पुतलियों का फैलना, चेहरे पर काले घेरे और नींद न आना।
  • संदिग्ध वस्तुएं: कमरे में अजीब गंध, जली हुई चम्मच या फॉयल पेपर मिलना।
  • सामाजिक लक्षण: नए और संदिग्ध दोस्त बनाना और माता-पिता के साथ झगड़ा करना।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.