खाड़ी देशों में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव की वजह से भारत और खाड़ी के बीच हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पिछले कुछ दिनों में उड़ानों के रद्द होने और हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी की खबरें सामने आ रही हैं। Air India और IndiGo जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने शेड्यूल में बदलाव किया है, जिससे हजारों भारतीय प्रवासी प्रभावित हुए हैं। विमानन कंपनियों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि और हवाई क्षेत्र के बंद होने से परिचालन पर बुरा असर पड़ा है।

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उड़ानों के रद्द होने और किराए में बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या है?

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण जेट ईंधन (Jet Fuel) की कीमतें पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई हैं। Air India के सीईओ कैंपबेल विल्सन के अनुसार, परिचालन क्षमता में लगभग 30% की गिरावट आई है और अब तक हजारों उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भारतीय एयरलाइंस को ईरान, इजरायल, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे उच्च जोखिम वाले हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है। इस वजह से उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा है और यात्रा का समय 1 से 3 घंटे तक बढ़ गया है। हवाई किराए में भी 15% से लेकर 40% तक की भारी बढ़ोतरी देखी गई है जिससे यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइंस और सरकार ने क्या कदम उठाए?

मुश्किल समय में फंसे यात्रियों की मदद के लिए भारत सरकार और खाड़ी देशों के विमानन नियामकों ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। यात्रियों को राहत देने के लिए रिफंड और रद्दीकरण नियमों में ढील दी गई है।

  • Air India और IndiGo ने प्रभावित यात्रियों के लिए टिकट रद्दीकरण पर पूर्ण रिफंड और बिना अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने की सुविधा दी है।
  • संयुक्त अरब अमीरात के नियामक GCAA ने फंसे हुए यात्रियों के रहने और खाने का खर्च उठाने की घोषणा की है।
  • भारत सरकार ने 1 से 7 मार्च 2026 के बीच 52,000 से अधिक नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है।
  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को मनमाना किराया बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी दी है और कीमतों की निगरानी की जा रही है।
  • अबू धाबी और मस्कट में भारतीय दूतावासों ने सहायता के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष और 24×7 हेल्पलाइन स्थापित की है।

सऊदी अरब और ओमान के ऊपर 32,000 फीट से ऊपर की उड़ानों की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके लिए सख्त रिपोर्टिंग नियमों का पालन करना होगा। संयुक्त अरब अमीरात से चलने वाली वाणिज्यिक उड़ानें फिलहाल सीमित संख्या में ही उपलब्ध हैं।