खाड़ी देशों और भारत के बीच हवाई यात्रा करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। कई एयरलाइंस अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा रही हैं जिससे अब टिकटों की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है। पिछले कुछ समय से यात्रा में आ रही दिक्कतों के बाद अब धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो रहा है और यात्रियों के लिए विकल्प बढ़ रहे हैं।
इन एयरलाइंस ने बढ़ाईं अपनी उड़ानें
Air India Express ने जुलाई 2026 की शुरुआत तक अपने पूरे वेस्ट एशिया नेटवर्क को फिर से चालू कर दिया है। अब यह एयरलाइन 18 भारतीय शहरों को बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE के 13 शहरों से जोड़ रही है, जिसके तहत हर हफ्ते करीब 780 उड़ानें चल रही हैं।
- कोझिकोड से सलालाह (ओमान) के लिए 2 जुलाई 2026 से हफ्ते में दो उड़ानें शुरू हुईं।
- कोझिकोड से कुवैत के लिए 3 जुलाई से और बेंगलुरु से कुवैत के लिए 4 जुलाई से उड़ानें फिर शुरू हुई हैं।
- मस्कट और मंगलुरु के बीच भी 3 जुलाई 2026 से सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।
- एयरलाइन ने नवी मुंबई-अबू धाबी, गुवाहाटी-अबू धाबी और गुवाहाटी-दुबई जैसे नए रूट भी जोड़े हैं।
इसके अलावा, Air India भी अपनी उन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है जिन्हें जून से अगस्त 2026 के बीच कम कर दिया गया था। सऊदी अरब की लो-कॉस्ट एयरलाइन flyadeal ने 1 जुलाई 2026 से रियाद और हैदराबाद के बीच रोजाना उड़ानें शुरू की हैं। वहीं Riyadh Air 4 अगस्त 2026 से रियाद और मुंबई के बीच नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स शुरू करेगी, जिसके बाद दिल्ली और बेंगलुरु का नंबर आ सकता है।
Qatar Airways ने दोहा और दुबई के बीच अपनी उड़ानों की संख्या 2 से बढ़ाकर 5 कर दी है, जबकि IndiGo ने जून 2026 के अंत तक वेस्ट एशिया के अपने 70% से ज्यादा रूट फिर से शुरू कर दिए हैं।
टिकट के दामों का हाल
फ्लाइट्स की संख्या बढ़ने से कुछ रूट्स पर किराया कम हुआ है, लेकिन यह अभी भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। नीचे दी गई टेबल में कुछ प्रमुख रूट्स के किराए की जानकारी दी गई है:
| रूट | किराया / अपडेट |
|---|---|
| UAE से केरल | किराया 3,500-3,600 दिरहम से घटकर करीब 2,600 दिरहम हुआ है। |
| दुबई से मुंबई | एक तरफ का किराया 114 डॉलर और राउंड ट्रिप 264 डॉलर तक मिल रहा है। |
| रियाद से दिल्ली | सबसे सस्ता टिकट 14,310 रुपये (करीब 171 डॉलर) मिला है, औसत किराया 36,379 रुपये है। |
| दोहा से चेन्नई | एक तरफ का किराया 216 डॉलर से शुरू है, औसत दाम करीब 520 डॉलर है। |
आगे क्या होगा
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि अगले आठ से दस हफ्तों में भारत और खाड़ी देशों के बीच उड़ानों की क्षमता पहले जैसी हो जाएगी। अगर हालात स्थिर रहे तो चार से आठ हफ्तों में ही यह क्षमता 90-100% तक पहुँच सकती है। हालांकि, जुलाई और अगस्त की छुट्टियों की वजह से मांग बढ़ेगी, जिससे किराया फिर बढ़ सकता है। जानकारों के मुताबिक, 2025 की गर्मियों के मुकाबले इस बार किराया 15-20% ज्यादा रह सकता है।
