Gulf Crisis: खाड़ी में समुद्री हमलों से 20 हजार नाविक फंसे, भारत ने सुरक्षा के लिए तैनात किए 7 जहाज

खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष ने समुद्री रास्तों को खतरनाक बना दिया है। इस तनाव की वजह से करीब 20,000 नाविक जहाजों पर ही फंसे हुए हैं, जिन्हें खाने-पीने की कमी और भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट है और लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई है।

खाड़ी में क्या हुआ और कितने नाविक प्रभावित हैं?

International Maritime Organization (IMO) की प्रवक्ता नताशा ब्राउन ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक 25 जहाजों पर हमलों की पुष्टि हो चुकी है। इन हमलों में अब तक कम से कम 10 नाविकों की जान जा चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं। भारतीय संदर्भ में देखें तो 8 भारतीय नाविकों की मौत हुई है और एक लापता है। हालांकि, भारत सरकार के प्रयासों से अब तक 2,563 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।

भारत सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?

होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी के बाद भारत ने ईरान के राजदूत को तलब किया और गहरी चिंता जताई। भारतीय नौसेना ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए 18 अप्रैल 2026 से इस इलाके के पास 7 जहाज तैनात किए हैं। इसके साथ ही, एनएसए अजीत डोभाल ने सऊदी अरब का दौरा कर क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की ताकि भारतीय नागरिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

मौजूदा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?

ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उसके पूरी तरह नियंत्रण में है, जिससे वैश्विक व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। समुद्री सुरक्षा पर चर्चा के लिए अप्रैल 2026 में बहरीन की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक आयोजित की जाएगी। भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की मांग की है ताकि समुद्री व्यापार फिर से सामान्य हो सके।