Gulf देशों के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। सऊदी अरब, UAE और कुवैत जैसे देशों ने मिलकर अपने पुराने प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। अब इन देशों में न सिर्फ रेल और बिजली का जाल बिछेगा, बल्कि सुरक्षा के लिए एक साझा मिसाइल सिस्टम भी तैयार किया जाएगा। ये फैसले रियाद और जेद्दा में हुई मीटिंग्स के बाद लिए गए हैं।

Gulf Rail Network: अब सऊदी से कुवैत और ओमान तक सफर होगा आसान

GCC देशों ने अपने रेल नेटवर्क प्रोजेक्ट में तेज़ी लाने का फैसला किया है। यह पूरा नेटवर्क 2,117 किलोमीटर लंबा होगा जो कुवैत सिटी से मस्कट तक सबको जोड़ेगा। हालांकि इसे पहले पूरा होना था, लेकिन अब इसका नया लक्ष्य 2030 रखा गया है, जबकि कई हिस्से 2026 तक चालू हो सकते हैं।

  • सऊदी-कतर हाई स्पीड रेल: रियाद और दोहा के बीच एक हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक ट्रेन चलेगी जिससे सफर सिर्फ दो घंटे में पूरा होगा। इसे छह साल में पूरा किया जाएगा।
  • सऊदी-कुवैत रेल लिंक: इसका काम 2026 में शुरू होगा और 2028 तक यह चालू हो जाएगा।
  • Etihad Rail (UAE): UAE में 11 शहरों को जोड़ने वाली पैसेंजर सर्विस 2026 में शुरू होगी।

बिजली और पानी का नया सिस्टम, क्या होगा बदलाव

ऊर्जा और पानी की सुरक्षा के लिए भी बड़े कदम उठाए गए हैं। ओमान के ऊर्जा मंत्रालय के अंडर-सेक्रेटरी मोहसिन हामेद अल हधरामी के मुताबिक, ओमान को GCC ग्रिड से जोड़ने का काम फरवरी 2026 में शुरू हुआ। इस प्रोजेक्ट पर करीब 700 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा। इसके अलावा, 2026 की पहली छमाही तक इराक को भी बिजली ग्रिड से जोड़ा जाएगा।

पानी की कमी से निपटने के लिए एक साझा वाटर सिस्टम पर बात चल रही है। जेद्दा समिट में नेताओं ने इस काम में तेज़ी लाने को कहा ताकि किसी भी इमरजेंसी में देश एक-दूसरे की मदद कर सकें। साथ ही, तेल और गैस के लिए एक नया पाइपलाइन कॉरिडोर बनाने की योजना है जिससे लागत कम होगी और सुरक्षा बढ़ेगी।

मिसाइल अटैक से बचने के लिए GCC देशों का नया प्लान

क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए GCC देशों ने एक साझा मिसाइल अर्ली वार्निंग सिस्टम बनाने का फैसला किया है। जेद्दा में हुई 19वीं परामर्श शिखर सम्मेलन में इस पर ज़ोर दिया गया। GCC महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने बताया कि अब सदस्य देश अपनी सुरक्षा के लिए और ज़्यादा एकजुट होंगे।

यह सिस्टम सैटेलाइट और रडार की मदद से बैलिस्टिक मिसाइल खतरों की पहले ही जानकारी देगा। नेताओं ने साफ किया कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार रखते हैं। अब बिजली, पानी और ट्रांसपोर्ट जैसे बुनियादी ढांचों को भी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

गल्फ रेलवे प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?

इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य 2030 तय किया गया है, लेकिन उम्मीद है कि इसके कई हिस्से 2026 तक काम करना शुरू कर देंगे।

मिसाइल चेतावनी सिस्टम क्यों लाया जा रहा है?

क्षेत्रीय तनाव और बुनियादी ढांचे पर हमलों के खतरे को देखते हुए GCC देश अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह साझा सिस्टम ला रहे हैं।