ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष अब और अधिक तेज हो गया है, जिसके कारण रविवार, 12 जुलाई को पूरे Gulf क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने Gulf देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सैन्य सुविधाओं पर हमले का दावा किया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को काफी बढ़ा दिया गया है।
हमलों का विवरण और सुरक्षा पर असर
ईरान की ओर से किए गए दावों के मुताबिक, Jordan के एक बेस पर 8 मिसाइलों को हवा में ही नाकाम किया गया, जबकि Kuwait में एक अमेरिकी रडार साइट को निशाना बनाने की कोशिश हुई। कुवैत के सशस्त्र बलों ने एक क्रूज मिसाइल, तीन बैलिस्टिक मिसाइल और 10 ड्रोन को रोका, जिसमें एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। इसके अलावा Oman में अमेरिकी समर्थन वाले प्लेटफॉर्म्स और Qatar में रखरखाव केंद्रों को भी निशाना बनाने का दावा किया गया है। Bahrain और UAE ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम के सक्रिय होने की पुष्टि की है।
समुद्री आवाजाही और अमेरिकी कार्रवाई
ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक के लिए बंद करने की घोषणा की है, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि व्यावसायिक जहाज वहां से गुजर रहे हैं। इससे पहले, 11 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पिछले तीन दिनों में कुल 300 ठिकानों पर किए गए हमलों का हिस्सा है ताकि ईरान को व्यावसायिक जहाजों पर हमला करने से रोका जा सके। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है, वहीं अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने फिलहाल उस रास्ते से यात्रा न करने की सलाह दी है।
