ओमान की खाड़ी में एक कार्गो शिप पर हुए हमले के बाद बड़ी हलचल मच गई है। इस वजह से करीब 11,000 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम बीच में ही रोक दिया गया है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने सुरक्षा कारणों से यह बड़ा फैसला लिया है।

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जानकारी के मुताबिक, IMO ने मंगलवार 23 जून 2026 को नाविकों को निकालने की एक बड़ी योजना शुरू की थी। लेकिन गुरुवार 25 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ, जिसके बाद इस पूरी प्रक्रिया को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है। यह फैसला नाविकों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है।

हमले की पूरी जानकारी

यह हमला ओमान के दहित (Dahit) से करीब 7.5 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में हुआ। बताया जा रहा है कि हमला एक सिंगापुर के झंडे वाले कंटेनर जहाज ‘Ever Lovely’ पर हुआ। इस जहाज के दाहिने हिस्से (starboard side) पर किसी अज्ञात चीज से हमला हुआ, जिससे उसके ब्रिज को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ और न ही समुद्र में कोई प्रदूषण फैला है।

एक खास बात यह है कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह IMO के निकासी ढांचे (evacuation framework) का हिस्सा नहीं था और न ही वह उनकी गाइडेंस में सफर कर रहा था।

अधिकारियों ने क्या कहा

IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने बताया कि इस योजना को तब तक रोका गया है जब तक सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिल जाती। उन्होंने साफ कहा कि नाविकों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और स्थिति पूरी तरह साफ होने के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा।

इस पूरी योजना को अमेरिका, ईरान, ओमान और अन्य तटीय देशों के साथ मिलकर बनाया गया था, ताकि करीब 600 जहाजों और उनके क्रू को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी इस रोक की पुष्टि की है और जहाजों को आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी है।

ईरान की चेतावनी

ईरान की पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि जो जहाज तय किए गए ढांचे से बाहर के रास्तों का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें सुरक्षित निकलने की गारंटी नहीं दी जाएगी।

इस हमले के बावजूद, कई जहाजों को IMO की योजना के तहत पहले ही सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। यह पूरी घटना ‘डे ऑफ द सीफेयरर’ के दिन हुई, जिसने समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.