खाड़ी देशों में जारी भारी संघर्ष और हमलों के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की गई है। संघर्ष के 20वें दिन ईरान ने कतर, सऊदी अरब और UAE के कई ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Strait of Hormuz का रास्ता प्रभावी रूप से बंद होता है, तो कच्चे तेल की कीमत 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। इस स्थिति से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।

🗞️: Oman News: सुल्तान हैथम ने 350 कैदियों को दी शाही माफी, ईद के मौके पर मिली बड़ी राहत

किन ऊर्जा क्षेत्रों और देशों को बनाया गया निशाना?

ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों ने खाड़ी देशों की तेल और गैस सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। हमले के दौरान हुए नुकसान और स्थिति की जानकारी नीचे दी गई है:

देश प्रभावित क्षेत्र नुकसान का विवरण
Qatar Ras Laffan Industrial Area LNG प्लांट पर मिसाइल हमला और आग
UAE Habshan और Bab फील्ड मिसाइल मलबे के कारण काम रुका
Saudi Arabia Eastern Province ऊर्जा ठिकानों पर हमला
Kuwait ऊर्जा ठिकाने हमले की सूचना
Bahrain ऊर्जा ठिकाने हमले की सूचना

UAE के रक्षा विभाग ने बताया कि बुधवार को 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने अपने ऊर्जा क्षेत्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है।

Strait of Hormuz और बाज़ार पर क्या होगा असर?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। इस रास्ते पर बढ़ते हमलों और संभावित बंदी की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। जानकारों के अनुसार, अगर यह समुद्री रास्ता असुरक्षित रहता है, तो तेल की कीमतें 200 डॉलर के पार जा सकती हैं। South Korea जैसे देश पहले ही अपने जहाजों और क्रू की सुरक्षा को लेकर बैठकें कर रहे हैं। वहीं NATO और ब्रिटेन की टीमें इस रास्ते को सुरक्षित बनाने के विकल्पों पर चर्चा कर रही हैं ताकि वैश्विक तेल सप्लाई बाधित न हो।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.