Gulf Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर, कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी की भारी उछाल.

Nura Basta13 July 20261 min read3 viewsFinance

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के कारण सोमवार, 13 जुलाई 2026 को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई। ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर किए गए हमलों के बाद से ही पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल है, जिसका सीधा असर तेल की सप्लाई और उसकी कीमतों पर पड़ रहा है।

ℹ️: Bahrain: ईरान के IRGC ने बहरीन स्थित अमेरिकी बेस पर हमले का किया दावा, ड्रोन और मिसाइल का इस्तेमाल.

तेल की कीमतों पर असर

इस तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 79.17 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जिसमें 4.16 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल 74.47 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जो 4.29 फीसदी की बढ़ोतरी है। जानकारों का कहना है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ता है और ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाया जाता है, तो तेल की कीमतें 100 डॉलर तक जा सकती हैं।

क्या है पूरा मामला

तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका ने 12 जुलाई को ईरान के सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक की। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एम/वी जीएफएस गैलेक्सी (M/V GFS Galaxy) जहाज पर हुए हमले के बाद की गई। जवाब में ईरान ने कुवैत, कतर, बहरीन, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य इलाकों को निशाना बनाया। CENTCOM ने पुष्टि की है कि उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर लगभग 140 हमले किए हैं। ओआईसी (OIC) और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय निकायों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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