जेद्दा में हुई खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की बैठक में एक बहुत बड़ा फैसला लिया गया है. GCC देशों के नेताओं ने गल्फ रेलवे प्रोजेक्ट के काम में तेज़ी लाने का आदेश दिया है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पूरे क्षेत्र में यात्रा और व्यापार का तरीका बदल जाएगा, जिसका असर यहाँ रहने वाले प्रवासियों और व्यापारियों पर भी पड़ेगा.

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गल्फ रेलवे प्रोजेक्ट क्या है और यह किन देशों को जोड़ेगा?

यह रेलवे प्रोजेक्ट कुल 2117 किलोमीटर लंबा होगा. यह ट्रेन नेटवर्क कुवैत, सऊदी अरब के दम्माम, बहरीन, कतर, UAE के अबू धाबी और अल ऐन, और ओमान के सोहर से मस्कट तक को आपस में जोड़ेगा. इस पूरे काम की देखरेख के लिए 2021 में ‘गल्फ रेलवे अथॉरिटी’ का गठन किया गया था.

ट्रेन की रफ़्तार कितनी होगी और काम कब तक पूरा होगा?

सरकारी जानकारी के अनुसार, पैसेंजर ट्रेनें करीब 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेंगी. वहीं माल ढोने वाली ट्रेनें 80 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेंगी और इनमें पावर के लिए डीजल का इस्तेमाल होगा. GCC देशों ने लक्ष्य रखा है कि दिसंबर 2030 तक यह पूरा नेटवर्क पूरी तरह चालू हो जाए. अधिकारियों ने यह भी कहा है कि जैसे-जैसे दो पड़ोसी देशों के बीच का हिस्सा पूरा होगा, उन्हें तुरंत जोड़ दिया जाएगा.

GCC नेताओं और अधिकारियों ने क्या जानकारी दी?

GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदईवी ने बताया कि नेताओं ने इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने पर बहुत ज़ोर दिया है. उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होने से क्षेत्र में विकास और खुशहाली आएगी. यह फैसला क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक एकीकरण को मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

गल्फ रेलवे प्रोजेक्ट कब तक पूरी तरह चालू होगा?

GCC देशों ने इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है.

इस ट्रेन नेटवर्क से कौन-कौन से देश जुड़ेंगे?

यह नेटवर्क कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, UAE और ओमान को आपस में जोड़ेगा.