Gulf News: खाड़ी देशों से 2500 से ज़्यादा भारतीय नाविक लौटे, सुरक्षा के लिए सरकार ने जारी किए नए निर्देश

पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों में बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब तक 2500 से ज़्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित उनके घर वापस लाया जा चुका है। सरकार का कहना है कि नाविकों की जान और उनकी सुरक्षा सबसे पहले है और इसके लिए लगातार कोशिशें जारी हैं।

नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए Directorate General of Shipping (DG Shipping) ने 2 मार्च 2026 को दो नए सर्कुलर जारी किए थे। इसके तहत अब भारतीय जहाजों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग की जा रही है और MMDAC DGComm सेंटर के ज़रिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। जहाजों के मालिकों और मैनेजरों के लिए रिपोर्टिंग के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं ताकि किसी भी खतरे की जानकारी तुरंत मिल सके।

हाल ही में क्या घटनाएं हुईं और मौजूदा स्थिति क्या है?

20 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz से गुज़रते समय ‘समनार हेराल्ड’ और ‘जग अर्नव’ नाम के जहाजों पर फायरिंग की खबर आई थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी नाविक को चोट नहीं लगी। भारत सरकार ईरान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि जहाजों का रास्ता सुरक्षित रहे। इसके अलावा, 28 फरवरी 2026 से अब तक 10 लाख से ज़्यादा लोग पश्चिम एशिया से भारत वापस आ चुके हैं।

इस पूरे ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

विवरण जानकारी/तारीख
कुल वापस लाए गए नाविक 2500 से ज़्यादा (21 अप्रैल 2026 तक)
सुरक्षा सर्कुलर जारी होने की तारीख 2 मार्च 2026
फायरिंग की घटना 20 अप्रैल 2026 (कोई हताहत नहीं)
कुल यात्री (पश्चिम एशिया से भारत) 10 लाख से ज़्यादा (28 फरवरी से)
कंट्रोल रूम अपडेट (17 अप्रैल) 147 कॉल और 276 ईमेल
निगरानी केंद्र MMDAC DGComm सेंटर (24×7)