खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। US Central Command (CENTCOM) ने 19 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि उन्होंने ईरान के खिलाफ चल रही नौसैनिक नाकेबंदी को और सख्त कर दिया है। अमेरिकी सेना ने कुल 6 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया और एक जहाज को पूरी तरह बेकार कर दिया है, ताकि ईरान को किसी भी तरह की मदद न मिल सके। यह कार्रवाई 14 जुलाई से शुरू हुई नाकेबंदी का हिस्सा है।
📰: Kuwait पर ईरान का बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन से मचाई तबाही, एयरपोर्ट की फ्लाइट्स हुई प्रभावित।
हमलों और कार्रवाई का ब्योरा
अमेरिकी सेना के मुताबिक, Curacao के झंडे वाले एक तेल टैंकर M/T Belma को 15 जुलाई को रोका गया था। जब इस जहाज ने चेतावनी को नजरअंदाज किया, तो अमेरिकी विमान ने Hellfire मिसाइल का इस्तेमाल कर इसे बेकार कर दिया। इसके अलावा, क्षेत्र में USS Donald Cook और USS John Finn जैसे विध्वंसक युद्धपोत तैनात किए गए हैं। दूसरी ओर, 19 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के अंदर नए हवाई हमले के आदेश दिए हैं ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली सुविधाओं को नष्ट किया जा सके।
कुवैत और ईरान में बिगड़े हालात
तनाव का असर खाड़ी देशों तक पहुंच चुका है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Colonel Saud Al Otaibi ने पुष्टि की है कि कुवैत के आसमान में दुश्मन के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन देखे गए, जिन्हें सेना ने नाकाम किया। उन्होंने इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ बताया है। वहीं, ईरान ने कहा है कि अमेरिका ने उसके Darkhovin परमाणु संयंत्र को भी निशाना बनाया है। इससे पहले 18 जुलाई को जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हुए हमले में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी, जिसकी जिम्मेदारी IRGC ने ली है। इसके अलावा बहरीन के Sheikh Isa Air Base और कुवैत के Mina Al-Ahmadi पोर्ट पर भी हमले की खबरें हैं।
