खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वहां मौजूद सभी भारतीय जहाजों और नाविकों (seafarers) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार उन पर सीधी नजर रख रही है। विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय ने जानकारी दी है कि हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास हुई घटनाओं में 3 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है और एक अभी भी लापता है। इसके अलावा 4 अन्य को मामूली चोटें आई हैं। इस घटना के बाद जहाजों की सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा सख्त कर दी गई है।

खाड़ी में कितने भारतीय नाविक और जहाज मौजूद हैं?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे खाड़ी क्षेत्र में अलग-अलग मर्चेंट और ऑफशोर जहाजों पर करीब 23,000 भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। सरकार इन सभी की ट्रैकिंग कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम (फारस की खाड़ी) में 24 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक तैनात हैं। वहीं, इसके पूर्वी हिस्से (ओमान की खाड़ी) में 3 जहाजों पर 76 नाविक मौजूद हैं। 13 मार्च 2026 को ‘जग प्रकाश’ नाम का एक तेल टैंकर इस इलाके से सुरक्षित निकलकर अफ्रीका की तरफ बढ़ गया है।

जहाजों और नाविकों के लिए क्या हैं नए नियम?

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने भारतीय जहाजों और नाविकों के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। कंपनियों को 24 घंटे निगरानी रखने और इमरजेंसी कंट्रोल सेंटर बनाने को कहा गया है।

  • जहाजों को हर दिन ऑनलाइन शिप रिपोर्टिंग फॉर्म के जरिए अपनी सही लोकेशन और जानकारी देनी होगी।
  • ड्रोन और समुद्री खदानों (sea mines) जैसे खतरों से निपटने के लिए सिक्योरिटी ड्रिल करना अनिवार्य किया गया है।
  • खतरनाक इलाकों में जाने से पहले शिप सिक्योरिटी अलर्ट सिस्टम (SSAS) की टेस्टिंग करना जरूरी है।
  • इस क्षेत्र में मौजूद नाविकों को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास में अपना रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश मिला है।

मदद के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन की सुविधा

शिपिंग मंत्रालय ने 28 फरवरी 2026 को एक 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया है ताकि जहाजों की पल-पल की जानकारी मिल सके। इसके अलावा 4 मार्च से विदेश मंत्रालय (MEA) का हेल्पलाइन नंबर भी चालू है, जिस पर अब तक मदद और जानकारी के लिए 900 से ज्यादा कॉल और 200 ईमेल आ चुके हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीयों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसके लिए यूएई, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों से लगातार बात की जा रही है। भारत में व्यापार और ऊर्जा सप्लाई में कोई रुकावट न आए, इसके लिए बंदरगाहों पर LPG जहाजों को रुकने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.