खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नाविकों के लिए मुश्किलें बहुत बढ़ गई हैं। हाल ही में ओमान के तट पर हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है, जिससे देश में चिंता का माहौल है। भारत सरकार अब अपने नाविकों की सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट पर है और कई कड़े कदम उठा रही है।

अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान गई

11 जून 2026 को Palau-flagged टैंकर MT Settebello पर अमेरिकी सेना ने हमला किया था। इस हमले में तीन भारतीय नाविक आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पाटनाला सुरेश की मौत हो गई। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना की कड़ी निंदा की और औपचारिक विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स को तलब किया। यह हमला MT Marivex और MV Jalveer जैसे जहाजों पर हुए हमलों के बाद हुआ है, जिससे समुद्री रास्तों पर जोखिम बढ़ गया है।

सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

भारतीय सरकार ने अपने नाविकों की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी किया है। Directorate General of Shipping (DGS) ने 14-15 जून 2026 को एक सर्कुलर जारी कर भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया कि जब तक नए आदेश न आएं, भारतीय नाविकों को विवादित और संघर्ष वाले इलाकों में तैनात न किया जाए। हालांकि, इमरजेंसी में क्रू चेंज की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके लिए नाविक की सहमति जरूरी होगी। जहाज चलाने वाली कंपनियों को भी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने और सरकारी अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।

परिवारों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान

सरकार ने मृतक नाविकों के परिवारों के लिए सहायता राशि तय की है। Seafarers Welfare Fund Society को निर्देश दिया गया है कि हर मृतक नाविक के परिवार को 10 लाख रुपये का ex-gratia भुगतान किया जाए। साथ ही अन्य जरूरी कल्याणकारी लाभ और वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।

नाविकों की सुरक्षा पर बड़ी चिंताएं

  • NUSI की चेतावनी: National Union of Seafarers of India (NUSI) ने बताया कि करीब 20,000 भारतीय नाविकों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा है। वे मानसिक तनाव और नींद की कमी जैसी समस्याओं से भी जूझ रहे हैं।
  • NHRC का निर्देश: National Human Rights Commission (NHRC) ने भी करीब 2,000 नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर संज्ञान लिया है और विदेश मंत्रालय को आठ हफ्ते के भीतर उचित कार्रवाई करने को कहा है।
  • नेवल ऑपरेशन: भारत ने समुद्री हितों की रक्षा के लिए “Operation Urja Suraksha” शुरू किया है, जिसके तहत नौसेना इलाके की निगरानी कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्थिति और आंकड़े

International Maritime Organization (IMO) के महासचिव Arsenio Dominguez ने कहा कि राजनीतिक विवादों में नाविकों को नहीं घसीटना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष के दौरान अब तक 40 से ज्यादा हमलों में 14 नाविकों की जान जा चुकी है। भारत, जो दुनिया के समुद्री कार्यबल में करीब 12 प्रतिशत हिस्सा रखता है, ने संयुक्त राष्ट्र में इन हमलों पर अपनी चिंता जाहिर की है।

उल्लेखनीय है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से 25 अप्रैल 2026 तक भारत का शिपिंग मंत्रालय लगभग 2,680 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में मदद कर चुका है।