गल्फ क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण समुद्र में माल ढोने वाले जहाजों पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। करीब 20,000 कर्मचारी और 3,000 जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं जहां खाने और पीने के पानी की भारी कमी देखी जा रही है। पिछले तीन हफ्तों से सप्लाई बाधित होने की वजह से जहाज पर मौजूद लोग अब राशन बचाकर इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। Strait of Hormuz के आसपास के रास्तों पर जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो चुकी है जिससे समुद्री व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

गल्फ में शिपिंग संकट की मुख्य वजह क्या है?

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण Strait of Hormuz से गुजरने वाला ट्रैफिक लगभग 90 प्रतिशत तक गिर गया है। International Maritime Organization (IMO) के मुताबिक अब तक कम से कम सात कर्मचारियों की मौत हो चुकी है और कई घायल हुए हैं। समुद्र में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं जिससे वहां से गुजरना अब सुरक्षित नहीं रह गया है। अब तक 16 से 19 जहाजों पर हमलों की पुष्टि हुई है जिनमें विस्फोटक नावों और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है।

फंसे हुए कर्मचारियों के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?

International Bargaining Forum ने इस पूरे समुद्री इलाके को अब हाई-रिस्क जोन घोषित कर दिया है। इसका सीधा असर वहां काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ेगा क्योंकि अब उन्हें डबल सैलरी दी जाएगी और उनके पास अपने घर वापस लौटने यानी repatriation का भी अधिकार होगा। International Chamber of Shipping के मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती जहाजों तक जरूरी सामान जैसे खाना और साफ पानी पहुंचाना है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए लंदन में एक इमरजेंसी मीटिंग भी बुलाई गई है।

मुख्य बिंदु विवरण
फंसे हुए कर्मचारी लगभग 20,000 Seafarers
प्रभावित जहाज लगभग 3,000 vessels
सप्लाई संकट करीब 3 हफ्तों से बाधा
जहाज हमले 16 से 19 पुष्ट हमले
आधिकारिक घोषणा High-Risk Zone घोषित
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.