खाड़ी देशों ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है. हाल के महीनों में 100 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया. यह कार्रवाई उन लोगों पर हुई जिन्होंने ईरानी हमलों के समय हिंसा भड़काने वाला कंटेंट पोस्ट किया था.

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सोशल मीडिया अकाउंट्स क्यों हुए ब्लॉक?

UAE के National Media Authority के अध्यक्ष अब्दुल्ला बिन मोहम्मद बिन बुती अल हमेद ने इस कार्रवाई की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन अकाउंट्स ने ईरानी हमलों के दौरान ऐसा कंटेंट डाला था जिससे समाज में हिंसा बढ़ सके. उन्होंने साफ किया कि Gulf Cooperation Council (GCC) देशों के बीच एक समझौता हुआ है. इस दस्तावेज के मुताबिक सभी लोगों को नैतिकता, देश और उसके प्रतीकों का सम्मान, धर्मों का सम्मान और सार्वजनिक मूल्यों का पालन करना जरूरी है. जो लोग इन नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है.

बहरीन में गिरफ्तारियां और UAE का कड़ा रुख

सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने को लेकर सिर्फ अकाउंट ब्लॉक नहीं किए गए, बल्कि कुछ देशों में गिरफ्तारियां भी हुई हैं. मार्च 2026 में बहरीन की सुरक्षा एजेंसियों ने 6 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 5 पाकिस्तानी और 1 बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे. इन लोगों पर ईरान समर्थक भ्रामक पोस्ट और वीडियो साझा करने का आरोप था. बहरीन सरकार ने चेतावनी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी बिना अनुमति के साझा करना अपराध है.

वहीं UAE के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि UAE आतंकवादियों के दबाव में नहीं आएगा. राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गश ने भी बताया कि ईरान के हमलों के गहरे भू-राजनीतिक असर हैं और इससे निपटने के लिए UAE ने अपनी सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत किया है. UAE सरकार मीडिया को सामाजिक स्थिरता के लिए जरूरी मानती है और जिम्मेदारी से कंटेंट पोस्ट करने की सलाह देती है.