अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब खाड़ी देशों (Gulf Countries) के पानी और बिजली की सप्लाई तक पहुंच गया है। रविवार सुबह बहरीन में पानी साफ करने वाले प्लांट (Desalination Plant) पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। कतर ने भी अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है। चूंकि खाड़ी देश पीने के पानी के लिए इन्ही मशीनों पर पूरी तरह निर्भर हैं, इसलिए यह खबर यहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों और स्थानीय लोगों के लिए काफी अहम है।

ताजा हालात और हमलों की जानकारी

  • बहरीन में हमला: बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरान के ड्रोन हमले से डिसालिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचा है और तीन लोग घायल हुए हैं। हालांकि, अभी पानी की सप्लाई चालू है।
  • कतर में हाई अलर्ट: दोहा के ऊपर मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने के बाद कतर ने अपनी सुरक्षा का स्तर बढ़ा दिया है। Qatar Airways ने सुरक्षा को देखते हुए 9 से 11 मार्च तक उड़ानों को सीमित (Limited Operations) करने का ऐलान किया है।
  • ईरान का आरोप: ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उसके Qeshm Island के प्लांट पर हमला किया, जिससे 30 गांवों का पानी बंद हो गया। इसी के जवाब में यह कार्रवाई की जा रही है।

आम आदमी और जेब पर इसका क्या असर होगा?

इस तनाव का सीधा असर आम लोगों की जेब और सुविधाओं पर पड़ना शुरू हो गया है। कतर, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देश पीने के पानी के लिए 70% से 90% तक इन्ही प्लांट्स पर निर्भर हैं। जानकारों का कहना है कि अगर ये प्लांट बंद हुए तो शहरों में पीने का पानी कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है।

आर्थिक मोर्चे पर भी झटका लगा है। कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत 13% बढ़कर 82 डॉलर के पार पहुंच गई है और गैस के दाम भी 50% तक चढ़ गए हैं। इसका असर जल्द ही हवाई किराए और जरूरी सामानों की कीमतों पर दिख सकता है। फिलहाल कतर और बहरीन के अधिकारियों ने कहा है कि इमरजेंसी रिजर्व से काम चल रहा है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com