Haj Pilgrimage 2026: 18 अप्रैल से रवाना होंगे भारतीय हज यात्री, बदल गए नियम और बढ़ीं सुविधाएं
भारत से हज यात्रा 2026 की शुरुआत होने जा रही है. 18 अप्रैल से हज यात्रियों का पहला जत्था सऊदी अरब के लिए रवाना होगा. इस बार करीब 1,75,025 भारतीय हज यात्रा पर जाएंगे. सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए इंतज़ाम किए हैं ताकि उनकी यात्रा आसान और सुरक्षित रहे.
हज यात्रा के लिए जरूरी नियम और शर्तें क्या हैं?
हज कमेटी ऑफ इंडिया (HCoI) ने इस बार कड़े नियम बनाए हैं. यात्रियों के पास 31 दिसंबर 2026 तक वैध पासपोर्ट होना चाहिए. सभी को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा. गंभीर बीमारी जैसे किडनी फेल्योर या दिल की बीमारी वाले लोग आवेदन नहीं कर सकेंगे. 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों के साथ एक साथी का होना जरूरी है.
यात्रियों को मेनिंगजाइटिस का टीका लगवाना होगा और सर्टिफिकेट साथ रखना होगा. सऊदी अरब पहुँचने के बाद नुसुक कार्ड (Nusuk Card) अनिवार्य है. बिना परमिट के हज करने वालों पर 1 लाख रियाल का जुर्माना लग सकता है और उन्हें 10 साल के लिए बैन किया जा सकता है.
यात्रियों के लिए क्या नई सुविधाएं शुरू हुई हैं?
सरकार ने इस बार हज यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए कई डिजिटल और फिजिकल बदलाव किए हैं. अब यात्रियों को रास्ता खोजने और मदद के लिए स्मार्ट तकनीक का सहारा मिलेगा.
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| डिजिटल सपोर्ट | हज सुविधा ऐप और स्मार्ट रिस्टबैंड की सुविधा |
| शॉर्ट हज | 20 दिन की छोटी हज यात्रा का विकल्प |
| बीमा कवर | बीमा राशि बढ़ाकर करीब 6.25 लाख रुपये की गई |
| ट्रेन कनेक्टिविटी | मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन |
| रहने की जगह | मदीना में 100% आवास मरकज़िया इलाके में |
| Embarkation Points | देश भर में 17 अलग-अलग पॉइंट्स से रवानगी |
| मेडिकल जांच | बेहतर स्क्रीनिंग और हेल्थ सपोर्ट का इंतज़ाम |
यात्रा की तारीखें और शेड्यूल क्या है?
पहली खेप 18 अप्रैल को रवाना होगी. प्री-हज फ्लाइट्स 21 मई तक चलेंगी. मुख्य हज रस्में 24 मई से 29 मई के बीच होने की उम्मीद है, लेकिन यह चांद दिखने पर निर्भर करेगा. वापसी की फ्लाइट्स 30 मई से 1 जुलाई के बीच शेड्यूल की गई हैं.