हज 1447 (2026) के लिए सऊदी अरब ने ‘मक्का रूट इनिशिएटिव’ की शुरुआत कर दी है। इसमें stc ग्रुप डिजिटल पार्टनर के तौर पर काम कर रहा है ताकि हाजियों का सफर आसान और तनावमुक्त हो सके। अब 10 अलग-अलग देशों के 17 हवाई अड्डों पर यात्रियों की कागजी कार्रवाई पहले ही पूरी कर ली जाएगी ताकि सऊदी पहुंचने पर समय बचे।
मक्का रूट पहल से हाजियों को क्या फायदा होगा?
इस पहल के जरिए हाजियों को अपने ही देश के एयरपोर्ट पर एंट्री की सारी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें बायोमेट्रिक डेटा लेना, इलेक्ट्रॉनिक हज वीज़ा जारी करना, पासपोर्ट कंट्रोल और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि सामान को पहले ही कोड कर दिया जाएगा, जिससे सऊदी पहुंचने पर यात्रियों को सामान के लिए इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा और वे सीधे मक्का या मदीना के लिए बस में जा सकेंगे।
stc ग्रुप किन देशों में दे रहा है डिजिटल सेवाएं?
stc ग्रुप ने 10 देशों के 17 अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स पर अपनी तकनीकी सेवाएं शुरू की हैं। इन देशों में मोरक्को, इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, कोटे डी आइवर और मालदीव शामिल हैं। इस बार पहली बार सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम को भी इस लिस्ट में जोड़ा गया है। stc का मकसद यात्रियों को भरोसेमंद कनेक्टिविटी और स्मार्ट डिजिटल समाधान देना है जिससे उनका आध्यात्मिक सफर आसान हो सके।
ताजा अपडेट और अब तक का असर
हाल ही में इंडोनेशिया के जकार्ता से पहले विमान रवाना हुए जो मदीना पहुंचे। इसके साथ ही 21 अप्रैल 2026 को इंडोनेशिया के मकासर में चौथा सर्विस पॉइंट भी शुरू किया गया। परिवहन मंत्री सालेह अल-जास्सर ने बताया कि सऊदी विजन 2030 के तहत आधुनिक तकनीक और AI का इस्तेमाल किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, साल 2017 से अब तक इस पहल के जरिए 12,54,994 से ज्यादा हाजियों की यात्रा आसान हुई है।
