सऊदी अरब में हज 2026 के सबसे पवित्र दिन यानी अराफात के दिन (Day of Arafah) पर सभी हाजी अराफात के मैदान में पहुंच गए हैं। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) ने 26 मई 2026 को इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की है कि हाजी अराफात में ‘वुकूफ’ यानी ठहरने की रस्म के लिए पहुंच चुके हैं। हज का यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और इसके बिना हज की यात्रा पूरी नहीं मानी जाती है। इस साल करीब 8.5 लाख से ज्यादा हाजी मई के मध्य तक ही सऊदी पहुंच चुके थे और उनके लिए सरकार ने बेहतरीन सुविधाएं दी हैं।

अराफात के मैदान में हाजियों को क्या करना होता है?

अराफात के मैदान में ठहरना (Wuquf) हज का सबसे मुख्य स्तंभ माना जाता है। हाजी अराफात में दोपहर (Dhuhr) और असर (Asr) की नमाज को एक साथ मिलाकर और छोटी करके पढ़ते हैं। दोपहर से लेकर सूर्यास्त तक हाजी अल्लाह की इबादत, दुआ, कुरान का पाठ और अपने गुनाहों की माफी मांगने में समय बिताते हैं। इस दौरान मस्जिद अल-निमरह से अराफात का उपदेश (सर्मन) दिया जाता है, जिसे शेख सालेह बिन हुमैद ने दिया। सूर्यास्त के बाद सभी हाजी मुजदलिफा के लिए रवाना होते हैं, जहां वे खुले आसमान के नीचे रात बिताते हैं और मगरिब व ईशा की नमाज पढ़ते हैं।

हाजियों की सुविधा के लिए सऊदी सरकार ने क्या बड़े इंतजाम किए हैं?

सऊदी सरकार और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की निगरानी में हज यात्रा को बहुत आसान बनाया गया है। पवित्र स्थलों पर हाजियों की मदद के लिए 4,200 तकनीकी कर्मचारियों को तैनात किया गया है और पूरे क्षेत्र में हाई-स्पीड 5G नेटवर्क कवरेज दी गई है। इसके अलावा ‘मक्का रूट इनिशिएटिव’ के जरिए यात्रियों के आने की प्रक्रिया को तेज किया गया है। इस साल हाजियों ने नुसुक (Nusuk) डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी बुकिंग की है, जिसके दुनिया भर में 5.1 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। सरकार ने इस बार मेजर अल कबश और मीना अल-मुआइसिम जैसे कैंपों का बेहतर विकल्प दिया और यात्रा से कम से कम 10 दिन पहले वैक्सीन लगवाना अनिवार्य किया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अराफात का दिन क्या है और इसका क्या महत्व है?

26 मई 2026 को अराफात का दिन मनाया गया, जिसे हज का सबसे पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन अराफात के मैदान में ठहरना यानी वुकूफ करना हर हाजी के लिए अनिवार्य होता है।

हज 2026 के लिए सऊदी अरब ने क्या तकनीकी सुविधाएं दी हैं?

सऊदी सरकार ने पवित्र स्थलों पर फुल 5G कवरेज दी है और 4,200 तकनीकी स्टाफ तैनात किए हैं। साथ ही नुसुक (Nusuk) ऐप के जरिए यात्रियों की बुकिंग और वीज़ा प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।