सऊदी अरब में हज 2026 के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव यानी अराफात के दिन दुनिया भर से आए 16 लाख से अधिक हाजी अराफात के मैदान में इकट्ठा हुए हैं। मंगलवार 26 मई 2026 को सुबह से ही हाजी मीना से अराफात की ओर रवाना होने लगे थे। यहां तीर्थयात्रियों ने मस्जिद नामिरा में हज का मुख्य खुतबा सुना और दोपहर तथा असर की नमाज़ एक साथ अदा की। सऊदी प्रशासन ने इस पवित्र मौके पर सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर खास इंतज़ाम किए हैं।
अराफात के मैदान में हज का खुतबा और नमाज़ की मुख्य बातें
हज के इस सबसे अहम दिन पर मस्जिद नामिरा से दिया जाने वाला खुतबा बहुत खास होता है। सऊदी रॉयल कोर्ट के आदेश के अनुसार, इस साल मस्जिद-ए-नबवी के इमाम शेख अली बिन अब्दुल रहमान हुदैफी ने नामिरा मस्जिद में हज का खुतबा दिया। इस खुतबे को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाने के लिए धार्मिक मामलों के अध्यक्ष शेख डॉ. अब्दुल रहमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-सुदैस ने घोषणा की थी कि इसका 35 भाषाओं में अनुवाद करके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारण किया गया। नमाज़ियों ने यहां जोहर और असर की नमाज़ को एक साथ मिलाकर छोटा करके पढ़ा।
गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और प्रशासन की तैयारी
अराफात के मैदान में इस समय तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। इसे देखते हुए सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय और सिविल डिफेंस ने सभी हाजियों को सीधी धूप से बचने और लगातार पानी पीते रहने की सलाह दी है। सूरज ढलने के बाद सभी हाजी मुज़दलिफ़ा के लिए रवाना होंगे, जहाँ वे रात बिताएंगे और मग्रिब तथा इशा की नमाज़ अदा करेंगे। सऊदी प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और गर्मी से राहत दिलाने के लिए हर जगह पानी के फव्वारे और मेडिकल टीमें तैनात की हैं।
हज यात्रा 2026 से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े
- कुल हाजियों की संख्या: इस साल अराफात के मैदान में लगभग 16 लाख से ज्यादा हाजी मौजूद हैं।
- अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्री: सऊदी अरब में विदेशी हाजियों के पहुंचने का सिलसिला पिछले दिनों से जारी था और कुल संख्या 15 लाख से अधिक है।
- नियमों का पालन: सऊदी अधिकारियों ने साफ किया है कि हज सीजन का इस्तेमाल किसी भी गैर-धार्मिक या राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं करने दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अराफात का दिन क्या है और इसका क्या महत्व है?
अराफात का दिन हज का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है, जो 9 जिलहिज्जा को मनाया जाता है। इस दिन हाजी अराफात के मैदान में इकट्ठा होकर दुआ मांगते हैं, जिसे वुकूफ-ए-अराफात कहा जाता है।
अराफात के मैदान के बाद हाजियों को कहां जाना होता है?
अराफात के मैदान में सूर्यास्त के बाद हाजी मुज़दलिफ़ा की तरफ बढ़ते हैं। वहाँ वे मग्रिब और इशा की नमाज़ एक साथ पढ़ते हैं और खुले आसमान के नीचे रात बिताते हैं।