सऊदी अरब में हज 2026 की तैयारियां ज़ोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मक्का के डिप्टी अमीर प्रिंस सऊद बिन मिशाल ने रविवार, 10 मई 2026 को ग्रैंड मस्जिद का दौरा कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरे का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना था कि हाजियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और भीड़ को सही तरीके से संभाला जा सके।
ग्रैंड मस्जिद में क्या-क्या देखा प्रिंस सऊद बिन मिशाल ने?
प्रिंस सऊद बिन मिशाल ने खास तौर पर मताफ क्षेत्र यानी काबा शरीफ के आसपास तवाफ करने वाले इलाके की तैयारियों को देखा। उन्होंने हाजियों के लिए बनाई गई सर्विस और ऑपरेशनल व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें भीड़ प्रबंधन, हाजियों की आवाजाही और सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजनाओं के बारे में बताया।
- प्रिंस सऊद ने थर्ड सऊदी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट की प्रगति की भी जांच की, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले।
- उन्होंने अल-नवारियाह तीर्थयात्री स्वागत और मार्गदर्शन केंद्र का निरीक्षण किया।
- इस दौरे में उनके साथ हज और उमराह के उप मंत्री डॉ. अब्दुल फत्ताह मशट और मक्का के मेयर मुसैद अल-दाऊद भी मौजूद थे।
हज 2026 के लिए क्या हैं नए नियम और तारीखें?
सऊदी सरकार ने हज यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों का पालन करना सभी हाजियों के लिए ज़रूरी है। हज 2026 सोमवार, 25 मई से शनिवार, 30 मई तक चलने की उम्मीद है, जिसमें 26 मई को अराफात का दिन और 27 मई को ईद अल-अधा पड़ सकती है।
यात्रियों के लिए ज़रूरी दिशानिर्देश:
- भारी जुर्माना: बिना परमिट के हज करने वालों पर 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
- मोबाइल का इस्तेमाल: हरम शरीफ में मोबाइल फोन का बहुत ज़्यादा उपयोग न करने की सलाह दी गई है, वरना जुर्माना हो सकता है।
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: महिलाओं को मेहंदी न लगाने की सलाह दी गई है ताकि फिंगरप्रिंट मैचिंग में दिक्कत न आए।
- नुसुक ऐप: सभी यात्रियों को Nusuk ऐप डाउनलोड करने और अपने होटल की लोकेशन मैप पर सेव करने को कहा गया है।
- होटल नियम: अब सभी आवासीय इमारतों और होटलों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हज 2026 की संभावित तारीखें क्या हैं?
हज 2026 सोमवार, 25 मई से शनिवार, 30 मई तक होने की उम्मीद है। इसमें अराफात का दिन 26 मई और ईद अल-अधा 27 मई को पड़ सकती है।
बिना परमिट हज करने पर कितना जुर्माना लगेगा?
सऊदी सरकार के नए नियमों के अनुसार, बिना परमिट हज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन पर 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
