हज 2026 की तैयारियाँ जोरों पर हैं और इस बार सऊदी सरकार नियमों को लेकर बहुत सख्त है। मक्का की मस्जिद अल-हराम के इमाम ने बताया है कि हज को कुबूल कराने के लिए सुन्नत का पालन करना और सच्ची तौबा करना सबसे जरूरी है। वहीं, सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना परमिट के हज करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर कड़े एक्शन लिए जाएंगे।
हज कुबूल होने के लिए इमाम ने क्या बताया जरूरी
मस्जिद अल-हराम के इमाम ने अपने संदेश में कहा कि अगर कोई चाहता है कि उसका हज कुबूल हो, तो उसे पैगंबर मोहम्मद साहब की सुन्नत और शिक्षाओं पर चलना होगा। इसके साथ ही उन्होंने सच्चे दिल से तौबा करने की सलाह दी है। शेख अब्दुल रहमान अल-सुदैस ने भी अपने खुतबे में कहा कि हज केवल एक यात्रा नहीं बल्कि तौहीद का स्कूल है। उन्होंने जायरीन से अपील की कि वे आधिकारिक नियमों का पालन करें और भीड़भाड़ से बचें ताकि सभी की सुरक्षा बनी रहे। शेख बन्दर बलीला ने भी पवित्र कुरान और सुन्नत को सबसे कीमती तोहफा बताते हुए इनके पालन पर जोर दिया है।
बिना परमिट हज करने पर क्या होगी सजा
सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने ‘बिना परमिट कोई हज नहीं’ की नीति को सख्ती से लागू कर दिया है। इस बार सभी पवित्र स्थलों पर जाने के लिए Nusuk Card होना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान है।
- बिना परमिट हज करने वाले विदेशी निवासियों पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
- ऐसे लोगों को सऊदी अरब से डिपोर्ट किया जाएगा और 10 साल तक आने पर पाबंदी रहेगी।
- जो लोग बिना परमिट के हज कराने में मदद करेंगे, उन पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है और उनकी गाड़ियाँ भी जब्त की जा सकती हैं।
हाल ही में 5 मई 2026 को सुरक्षा बलों ने सूडानी, मिस्री और यमनी मूल के 10 लोगों को बिना परमिट मक्का में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
हज 2026 की जरूरी तारीखें और नियम
हज 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर से जायरीन का आना 18 अप्रैल 2026 को शुरू हो चुका है और यह सिलसिला 21 मई 2026 तक चलेगा। हज के मुख्य अनुष्ठान 24 मई से 29 मई 2026 के बीच होने की उम्मीद है। सऊदी सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर हज से जुड़ी अफवाहें न फैलाएं, क्योंकि ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिना परमिट हज करने पर कितना जुर्माना लग सकता है?
सऊदी सरकार के नियमों के मुताबिक, बिना परमिट हज करने पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना, देश से निष्कासन और 10 साल का एंट्री बैन लग सकता है।
हज 2026 के लिए कौन सा कार्ड जरूरी है?
हज 2026 के दौरान सभी पवित्र स्थलों तक पहुँचने के लिए Nusuk Card रखना अनिवार्य है।