पूरी दुनिया से मुस्लिम जायरिन सऊदी अरब के मक्का पहुंचना शुरू हो गए हैं। साल 2026 के हज के लिए सऊदी सरकार ने भीड़ को संभालने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। 18 मई से धुल-हिज्जा का महीना शुरू हो गया है और लोग अपनी शुरुआती रस्में पूरी कर रहे हैं।

हज 2026 की जरूरी तारीखें क्या हैं?

सऊदी अरब में 18 मई 2026 से धुल-हिज्जा महीने की शुरुआत हुई है। हज की मुख्य रस्में 25 मई से 27 मई के बीच होंगी। 26 मई को अराफात का दिन मनाया जाएगा और 27 मई को ईद-उल-अज़हा की उम्मीद है। पूरी हज यात्रा 24 मई की शाम से शुरू होकर 29 मई तक चलेगी।

बिना परमिट के मक्का जाने पर क्या होगा?

सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना कानूनी परमिट के हज करना मना है। इसके लिए Nusuk प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना होगा। नियमों का पालन न करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही विदेशी निवासियों को डिपोर्ट किया जा सकता है और 10 साल तक सऊदी आने पर रोक लगाई जा सकती है।

मक्का में एंट्री के लिए कुछ खास बातें ध्यान रखें:

  • 13 अप्रैल 2026 से मक्का में एंट्री के लिए स्पेशल परमिट या हज परमिट जरूरी है।
  • 18 अप्रैल से 31 मई तक केवल हज वीज़ा वाले लोग ही मक्का में रह सकते हैं।
  • उम्र 12 साल से कम होने पर हज की अनुमति नहीं मिलेगी।
  • गंभीर बीमारी या आखिरी तिमाही में गर्भवती महिलाओं के लिए नए स्वास्थ्य प्रतिबंध लगाए गए हैं।
  • पहचान के लिए सभी जायरिन को डिजिटल Nusuk Card का इस्तेमाल करना होगा।

भारत और पाकिस्तान के जायरिन के लिए क्या अपडेट है?

भारत सरकार ने इस बार एक ‘Short Hajj Package’ शुरू किया है। इसके जरिए लगभग 10,000 जायरिन अपनी रस्में करीब 20 दिनों में पूरी कर सकेंगे, जो पहले 40 से 45 दिन लेती थीं। इस पहल के तहत पहली फ्लाइट 17 मई को कोचीन एयरपोर्ट से रवाना हुई। वहीं पाकिस्तान की सरकारी स्कीम के तहत 1 लाख 3 हजार से ज्यादा जायरिन सऊदी पहुंच चुके हैं, जो कुल संख्या का 87 प्रतिशत है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 के लिए परमिट कैसे मिलेगा?

हज परमिट के लिए केवल Nusuk प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह सऊदी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एकमात्र आधिकारिक प्लेटफॉर्म है।

भारत के शॉर्ट हज पैकेज की क्या खासियत है?

इस पैकेज के जरिए लगभग 10,000 जायरिन अपनी यात्रा 20 दिनों में पूरी कर सकेंगे, जबकि सामान्य तौर पर इस यात्रा में 40-45 दिन लगते थे।