सऊदी अरब सरकार ने हज 2026 के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी पूरी कर ली है। स्वास्थ्य मंत्री फहद अल-जलाजेल ने बताया कि इस बार तीर्थयात्रियों की सेहत का ख्याल रखने के लिए 20,000 से ज्यादा बेड का इंतजाम किया गया है। सरकार का मकसद यह है कि दुनिया भर से आने वाले यात्रियों को उनके देश से निकलने से लेकर वापसी तक बिना किसी परेशानी के मेडिकल सुविधा मिले।

अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं में क्या बदलाव हुए हैं?

स्वास्थ्य मंत्री ने रियाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस साल हज के दौरान बेड की कुल संख्या 20,000 से ज्यादा होगी। इसमें से 3,800 बेड खास तौर पर पवित्र स्थलों पर रखे गए हैं। मीना इमरजेंसी हॉस्पिटल 2 की क्षमता को पहले से दोगुना कर दिया गया है ताकि ज्यादा मरीजों को संभाला जा सके। इसके अलावा, अर्जेंट केयर सेंटर्स की संख्या बढ़ाकर 25 कर दी गई है और इमरजेंसी के लिए 3,000 से ज्यादा एम्बुलेंस तैनात रहेंगी।

टीकाकरण और मेडिकल फिटनेस के क्या नियम हैं?

हज 2026 के लिए स्वास्थ्य नियमों को काफी सख्त किया गया है। सभी तीर्थयात्रियों और वहां काम करने वाले स्टाफ के लिए मेनिन्गोकोकल (Meningococcal) वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है, जो यात्रा शुरू करने से कम से कम 10 दिन पहले लग जानी चाहिए। साथ ही, यात्रियों को अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा।

  • रेड लिस्ट (पाबंदी): जिन लोगों को किडनी फेलियर, गंभीर हार्ट फेलियर, लीवर सिरोसिस या गंभीर मानसिक बीमारी है, उन्हें हज परमिट नहीं मिलेगा। गर्भावस्था के आखिरी दो महीने वाली महिलाएं भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
  • उम्र और साथी: 65 साल से ज्यादा उम्र के तीर्थयात्रियों के साथ 18 से 60 साल की उम्र का एक शारीरिक रूप से फिट साथी होना जरूरी है।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट: अस्पताल में इलाज या चेकअप के लिए नुसुक (Nusuk) कार्ड और इंटरनेशनल पासपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा।
  • अन्य वैक्सीन: कोविड-19 बूस्टर और मौसमी फ्लू के टीके लगवाने की सलाह दी गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 के लिए कौन सा टीका लगवाना जरूरी है?

सभी तीर्थयात्रियों और कर्मियों के लिए मेनिन्गोकोकल वैक्सीन अनिवार्य है, जो यात्रा से कम से कम 10 दिन पहले लगनी चाहिए। इसके अलावा कोविड-19 और फ्लू वैक्सीन की सलाह दी गई है।

कौन से लोग स्वास्थ्य कारणों से हज परमिट नहीं पा सकते?

गंभीर किडनी फेलियर, हार्ट फेलियर, लीवर सिरोसिस और गर्भावस्था के अंतिम दो महीनों वाली महिलाएं ‘रेड लिस्ट’ में हैं और उन्हें आमतौर पर परमिट नहीं दिया जाएगा।