सऊदी अरब में हज 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाजियों के लिए जरूरी गाइडलाइन्स जारी की हैं ताकि वे भीषण गर्मी से बच सकें। मक्का और आसपास के इलाकों में तापमान 48 डिग्री तक जा सकता है, इसलिए सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

धूप और गर्मी से बचने के लिए क्या करें

  • Saudi Ministry of Health ने कहा है कि हाजी पवित्र स्थलों पर चलते समय छाते (Umbrella) का इस्तेमाल जरूर करें ताकि सीधी धूप से बचा जा सके।
  • दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें क्योंकि इस समय गर्मी सबसे ज्यादा होती है।
  • खूब पानी पिएं, चाहे प्यास न लगी हो। बहुत ठंडा या बर्फ वाला पानी पीने से बचें और पसीना आने पर सीधे एसी के सामने न बैठें।
  • मौसम विभाग के मुताबिक मक्का, मिना और अराफात में तापमान 42 से 48 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
  • अराफात के मैदान में धूप का असर सबसे ज्यादा होगा, इसलिए 9 धुल हिज्जा को विशेष सावधानी बरतनी होगी।

हज 2026 के लिए नए स्वास्थ्य नियम क्या हैं

  • सभी हाजियों के लिए मेनिनगोकोकल, कोविड-19 और मौसमी फ्लू का टीका लगवाना अनिवार्य है। कुछ देशों से आने वालों के लिए पोलियो वैक्सीन भी जरूरी है।
  • अब कई हाजियों को डॉक्टर से साइन किया हुआ हेल्थ सर्टिफिकेट देना होगा, जिससे यह कन्फर्म हो सके कि वे शारीरिक रूप से हज की कठिन रस्मों के लिए फिट हैं।
  • गंभीर बीमारी, कैंसर या गर्भावस्था के अंतिम चरण वाली महिलाएं इस बार हज के लिए पात्र नहीं होंगी।
  • हज के लिए न्यूनतम उम्र 12 साल तय की गई है।
  • भीड़भाड़ वाली जगहों और मस्जिद अल-हराम में मास्क पहनने की सलाह दी गई है।

परमिट और कानूनी नियमों का रखें ध्यान

  • सिर्फ Nusuk ऐप या मंत्रालय की वेबसाइट से मिले आधिकारिक परमिट ही मान्य होंगे।
  • फर्जी परमिट या विज्ञापनों के झांसे में आने वालों पर 10,000 रियाल का जुर्माना लगेगा।
  • नियम तोड़ने वालों को तुरंत डिपोर्ट किया जाएगा और उन्हें 10 साल तक सऊदी अरब आने पर रोक रहेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 के दौरान मक्का में तापमान कितना रहेगा

Saudi National Center for Meteorology के मुताबिक मक्का, मिना और अराफात में तापमान 42 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

फर्जी हज परमिट का इस्तेमाल करने पर क्या सजा मिलेगी

फर्जी परमिट का इस्तेमाल करने वालों पर 10,000 रियाल का जुर्माना लगेगा और उन्हें तुरंत डिपोर्ट कर 10 साल के लिए सऊदी अरब में एंट्री पर बैन लगा दिया जाएगा।