मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में इन दिनों हज यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग हज की रस्मों को पूरा करने से पहले यहां इबादत कर रहे हैं और आध्यात्मिक सुकून महसूस कर रहे हैं। सऊदी सरकार ने 2026 के हज सीजन के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और यात्रियों के लिए कई जरूरी नियम लागू किए हैं ताकि सब कुछ शांति से संपन्न हो सके।
हज 2026 के लिए जरूरी नियम और पाबंदियां क्या हैं?
सऊदी अरब सरकार ने इस बार नियमों को बहुत सख्त रखा है। 13 अप्रैल 2026 से यह नियम लागू हो गया है कि बिना वैध परमिट के मक्का में प्रवेश नहीं मिलेगा। केवल वही लोग मक्का जा सकेंगे जिनके पास हज परमिट, मक्का का रेजिडेंसी आईडी (इकामा) या वहां काम करने का परमिट होगा।
- भारी जुर्माना: जो लोग बिना परमिट के हज यात्रियों को मक्का पहुंचाएंगे या उन्हें रहने की जगह देंगे, उन पर 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा जेल और प्रवासियों को देश से बाहर निकाला भी जा सकता है।
- नियमों का पालन: मक्का, मदीना और पवित्र स्थलों पर किसी भी तरह के राजनीतिक या sectarian झंडे, नारे और प्रदर्शन पूरी तरह बैन हैं।
- वीज़ा अपडेट: 2026-2027 सीजन के लिए उमरा वीज़ा की आवेदन प्रक्रिया 31 मई 2026 से शुरू होगी।
स्वास्थ्य और मौसम को लेकर क्या चेतावनी दी गई है?
सऊदी नेशनल सेंटर फॉर मेटियोरोलॉजी ने चेतावनी दी है कि हज के दौरान तापमान बहुत ज्यादा बढ़ सकता है और यह 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे धूप से बचने के लिए छतरी का इस्तेमाल करें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
- वैक्सीनेशन: हज में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए मेनिन्जाइटिस का टीका अनिवार्य है। यात्रियों को भी फ्लू और कोविड-19 के टीके लगवाने की सलाह दी गई है।
- सरकारी तैयारी: मानव संसाधन और सामाजिक विकास के सहायक मंत्री इस्माइल बिन सईद अल-घमदी ने बताया कि आधुनिक तकनीक और स्टाफ की ट्रेनिंग पर पूरा जोर दिया गया है।
- सुविधाएं: हज और उमरा मंत्री तौफीक अल राबिया के अनुसार अब तक 8.5 लाख से ज्यादा यात्री पहुंच चुके हैं। उन्होंने ‘हज विदाउट लगेज’ जैसी नई सुविधाओं और नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की जानकारी दी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हज 2026 की तारीखें क्या हैं?
हज 2026 का आयोजन 25 मई से 30 मई के बीच होने की उम्मीद है। इसमें अराफात का दिन लगभग 27 मई 2026 को पड़ेगा।
बिना परमिट के हज करने पर क्या सजा मिलेगी?
बिना परमिट के हज करना या दूसरों को मदद करना गैरकानूनी है। इसमें 1 लाख रियाल तक का जुर्माना, जेल और प्रवासियों के लिए डिपोर्टेशन (देश निकाला) की सजा हो सकती है।
