सऊदी अरब की सऊदी फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) ने हज 2026 के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली है। सरकार का मकसद हज यात्रियों की सेहत और सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना है। इसके लिए खाने-पीने की चीजों और दवाओं की सख्त निगरानी की जाएगी ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।

हज परमिट के लिए सेहत के क्या नियम हैं और कौन से टीके जरूरी हैं?

सऊदी अरब ने कुछ ऐसी स्वास्थ्य स्थितियां बताई हैं जिनकी वजह से हज परमिट नहीं मिलेगा। इसमें किडनी फेलियर, दिल की गंभीर बीमारी, लिवर सिरोसिस और गंभीर मानसिक बीमारियां शामिल हैं। इसके अलावा, आखिरी तिमाही में गर्भवती महिलाओं और कैंसर के मरीजों को भी परमिट मिलने में दिक्कत हो सकती है।

  • मेनिनजाइटिस टीका: सभी यात्रियों के लिए यह टीका जरूरी है।
  • कोविड-19: कुछ चुनिंदा यात्रियों के लिए वैक्सीनेशन का सबूत देना होगा।
  • येलो फीवर: उन देशों से आने वालों के लिए जरूरी है जहां यह बीमारी फैलती है।
  • पोलियो: कुछ खास देशों के यात्रियों के लिए अनिवार्य है।
  • अन्य टीके: फ्लू, डिफ्थीरिया और टेटनस के टीके लगवाने की सलाह दी गई है।

बिना लाइसेंस खाना बेचने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?

SFDA ने साफ किया है कि हज 2026 के दौरान बिना लाइसेंस के खाद्य उत्पाद बनाना या स्टोर करना सख्त मना है। सरकार ने इसके लिए बहुत सख्त कानून बनाए हैं ताकि यात्रियों को खराब खाना न मिले।

  • सजा: नियम तोड़ने वालों को 10 साल तक की जेल हो सकती है।
  • जुर्माना: 1 करोड़ सऊदी रियाल (10 million SR) तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • निगरानी: एयरपोर्ट, बंदरगाह और ज़मीनी रास्तों पर 24 घंटे तकनीकी टीमें तैनात रहेंगी।
  • शिकायत: किसी भी गड़बड़ी या उल्लंघन की रिपोर्ट 19999 नंबर पर की जा सकती है।

इसके अलावा, मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने भी अपनी योजना शुरू कर दी है। इसमें लेबर नियमों का पालन और भीख मांगने वालों के खिलाफ अभियान चलाना शामिल है। हज 2026 की तारीखें लगभग 24 से 29 मई 2026 के बीच रहने की उम्मीद है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 के लिए कौन से लोग आवेदन नहीं कर सकते?

गंभीर किडनी फेलियर, दिल की गंभीर बीमारी, लिवर सिरोसिस, गंभीर मानसिक बीमारी और आखिरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं को हज परमिट नहीं मिलेगा।

सऊदी अरब में बिना लाइसेंस खाना बेचने पर क्या सजा है?

बिना लाइसेंस के खाद्य उत्पाद बनाने या स्टोर करने वालों को 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ सऊदी रियाल तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.