भारत से हज यात्रा पर गए लाखों लोगों की सुरक्षित वतन वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बताया है कि सभी हज यात्रियों की सुरक्षित घर वापसी के लिए संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। इस साल भारत से कुल 1,75,025 लोग हज यात्रा पर गए थे और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए अलग-अलग मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं जिससे किसी को कोई परेशानी न हो।

हज यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार की बड़ी तैयारी

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि इस साल हज यात्रा का आयोजन बहुत ही अच्छे तरीके से हुआ है। भारत सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय और हज कमेटी ने सऊदी अरब प्रशासन के साथ मिलकर बेहतरीन इंतजाम किए थे। इसकी वजह से भारत को सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय से दो खास ‘लब्बैतुम पुरस्कार’ भी मिले हैं। हज यात्रियों की वापसी का काम 30 मई 2026 से शुरू हो चुका है जो 30 जून 2026 तक चलेगा। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि सभी लोग बिना किसी परेशानी के अपने घर लौट सकें।

जम्मू-कश्मीर के यात्रियों के लिए सामान ले जाने का नया नियम

इस बीच जम्मू-कश्मीर के हज यात्रियों के लिए सामान को लेकर एक नया नियम लागू किया गया है। श्रीनगर एयरपोर्ट पर रनवे के मेंटेनेंस के काम की वजह से अकासा एयरलाइंस की उड़ानों को अहमदाबाद के रास्ते डायवर्ट किया गया है। उड़ान सुरक्षा के नियमों की वजह से यात्री अपने साथ फ्लाइट में सिर्फ 5 किलोग्राम वजन का चेक-इन सामान ही ला सकते हैं। यात्रियों का बचा हुआ 30 किलोग्राम सामान सड़क मार्ग से अलग से उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

इस साल हज यात्रियों को मिली थीं ये आधुनिक सुविधाएं

इस साल हज यात्रा को आसान बनाने के लिए सरकार ने कई नए डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल किया था। इसमें ‘हज सुविधा ऐप’ और गुमशुदा यात्रियों का पता लगाने के लिए ‘स्मार्ट रिस्टबैंड’ दिए गए थे। इसके अलावा सऊदी अरब पहुंचने पर सभी यात्रियों को नुसुक कार्ड दिया गया था जो वहां की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जरूरी था। इस साल करीब 60 हजार यात्रियों ने मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन का सफर किया। आपको बता दें कि सरकार साल 2018 से ही हज यात्रा पर कोई सब्सिडी नहीं दे रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 के यात्रियों की वतन वापसी कब तक चलेगी?

हज यात्रियों की वापसी उड़ानें 30 मई 2026 से शुरू हो चुकी हैं और यह प्रक्रिया 30 जून 2026 तक जारी रहेगी।

जम्मू-कश्मीर के हज यात्रियों के सामान को लेकर क्या नया नियम है?

श्रीनगर एयरपोर्ट पर मरम्मत के काम की वजह से फ्लाइट्स अहमदाबाद होकर आ रही हैं। यात्री फ्लाइट में सिर्फ 5 किलो सामान ही ला सकते हैं, बाकी का 30 किलो सामान सड़क मार्ग से भेजा जा रहा है।

क्या भारत सरकार हज यात्रा पर कोई सब्सिडी देती है?

भारत सरकार ने साल 2018 से हज यात्रा पर दी जाने वाली सब्सिडी को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.