हमास ने एक बहुत बड़ा फैसला लेते हुए अपनी गवर्निंग कमेटी को खत्म कर दिया है। करीब 20 सालों तक गाजा पर राज करने के बाद अब यह ग्रुप वहां टेक्नोक्रेटिक लीडरशिप यानी विशेषज्ञों की टीम को जिम्मेदारी सौंपेगा। इस कदम का मकसद आम लोगों की मुश्किलों को कम करना और गाजा के पुनर्निर्माण के काम को तेज करना है।

सोमवार, 6 जुलाई 2026 को हमास ने आधिकारिक तौर पर अपनी ‘इमरजेंसी कमेटी’ को भंग करने का ऐलान किया। इस कमेटी के प्रमुख मोहम्मद अल-फरा ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हमास के प्रवक्ता हाज़ेम कासिम ने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि इजराइल को हमले का कोई नया बहाना न मिले और गाजा के लोगों को राहत मिल सके।

कौन संभालेगा अब गाजा की जिम्मेदारी

गाजा के प्रशासन के लिए National Committee for the Administration of Gaza (NCAG) नाम की एक टीम तैयार है। इसके प्रमुख अली शाथ ने कहा कि उनकी टीम जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है, बस उन्हें जरूरी संसाधन और अधिकार चाहिए। शाथ का कहना है कि गाजा में एक ही कानून और एक ही सशस्त्र बल होना जरूरी है ताकि काम सही से हो सके।

इस पूरी प्रक्रिया में Board of Peace की बड़ी भूमिका है, जिसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अक्टूबर 2025 में एक शांति समझौते के तहत बनाया था। बोर्ड ने कहा है कि वे हमास के वादों पर नहीं, बल्कि उनके काम पर नजर रखेंगे। बोर्ड चाहता है कि गाजा के सभी हथियार NCAG के नियंत्रण में आ जाएं और सत्ता का पूरी तरह से हस्तांतरण हो।

क्या हैं मुख्य चुनौतियां

  • इजराइल का विरोध: इजराइल इस बदलाव में अड़चनें डाल रहा है क्योंकि वह चाहता है कि हमास पहले अपने हथियार डाले।
  • सेवाओं की निरंतरता: हमास ने भरोसा दिलाया है कि तकनीकी और पेशेवर कर्मचारी अपनी जगह पर रहेंगे ताकि आम जनता को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं बंद न हों।
  • बातचीत का दौर: इस फैसले के बाद अब काहिरा में अन्य फिलिस्तीनी गुटों के साथ बैठकें होंगी ताकि आगे की राह तय की जा सके।