Hapag-Lloyd Shipping: मिडिल ईस्ट संकट से कंपनी को हर हफ्ते 50 मिलियन डॉलर का घाटा, जहाजों का रास्ता बदला
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब बड़े शिपिंग बिजनेस पर दिखने लगा है। जर्मन शिपिंग कंपनी Hapag-Lloyd को इस स्थिति की वजह से हर हफ्ते भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कंपनी के सीईओ ने बताया कि हालात इतने खराब हैं कि उन्हें अपने जहाजों के रूट बदलने पड़े हैं, जिससे खर्च काफी बढ़ गया है।
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Hapag-Lloyd को होने वाले नुकसान की मुख्य वजह क्या है?
कंपनी के CEO Rolf Habben Jansen के मुताबिक, उन्हें हर हफ्ते 40 से 50 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्चा उठाना पड़ रहा है। लाल सागर (Red Sea) में तनाव के कारण जहाजों को अब केप ऑफ गुड होप के लंबे रास्ते से जाना पड़ रहा है। इससे न केवल समय ज़्यादा लग रहा है, बल्कि ईंधन (bunker fuel) और इंश्योरेंस का प्रीमियम भी बहुत महंगा हो गया है।
जहाजों और कर्मचारियों पर क्या असर पड़ा है?
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होने की वजह से Hapag-Lloyd के 6 जहाज फारस की खाड़ी में फंस गए हैं। इन जहाजों पर सवार 150 क्रू मेंबर्स भी वहीं फंसे हुए हैं। कंपनी ने अपनी 2026 की कमाई 2025 के मुकाबले कम रहने का अनुमान लगाया है क्योंकि लाल सागर का रास्ता जल्द खुलने की उम्मीद नहीं है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| साप्ताहिक नुकसान | 40 से 50 मिलियन डॉलर |
| फंसे हुए जहाज | 6 जहाज |
| फंसे हुए कर्मचारी | 150 लोग |
| मुख्य कारण | लाल सागर और होर्मुज संकट |
| बढ़े हुए खर्चे | ईंधन, बीमा और स्टोरेज शुल्क |
| 2026 की कमाई | 2025 से कम रहने का अनुमान |