भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 18 मार्च 2026 को बैंक को अपना त्याग पत्र सौंपा जिसमें उन्होंने बैंक के कामकाज के तरीकों और अपनी व्यक्तिगत नैतिकता के बीच टकराव की बात कही है। इस खबर के बाहर आते ही गुरुवार को बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई जिससे निवेशकों में हलचल मच गई है।

इस्तीफा देने के पीछे क्या है मुख्य वजह?

अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि पिछले दो वर्षों के दौरान उन्होंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाओं और प्रथाओं को देखा है जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उनके इस कड़े निर्णय का मुख्य आधार यही नैतिकता और मूल्यों का टकराव है। बैंक ने इस इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है और शेयर बाजार को इसकी जानकारी दे दी है। चक्रवर्ती मई 2021 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे और उनका कार्यकाल अभी बाकी था।

शेयर बाजार और बैंक पर क्या असर हुआ?

इस्तीफे की खबर सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में HDFC Bank के शेयरों पर बुरा असर पड़ा और इसमें भारी बिकवाली देखी गई। नीचे दिए गए पॉइंट्स में इस घटनाक्रम के असर को समझा जा सकता है:

  • भारतीय शेयर बाजारों में बैंक के शेयर 5% से 9% तक लुढ़क गए।
  • न्यूयॉर्क में बैंक के ADRs में लगभग 7% की गिरावट दर्ज की गई।
  • केकी मिस्त्री को 19 मार्च 2026 से तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है।
  • RBI ने कहा है कि बैंक के कामकाज या गवर्नेंस को लेकर फिलहाल कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है।
  • बाजार विश्लेषकों का मानना है कि नैतिकता का हवाला देने से निवेशकों का भरोसा थोड़ा कमजोर हुआ है।

बैंक ने कहा है कि केकी मिस्त्री की नियुक्ति के लिए रिजर्व बैंक से मंजूरी मिल गई है। मिस्त्री ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड के भीतर गवर्नेंस को लेकर कोई विवाद नहीं था और उन्हें चक्रवर्ती द्वारा उठाए गए मुद्दों की पहले से जानकारी नहीं थी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.