लंदन के Heathrow Airport के लिए आने वाला समय मुश्किल भरा हो सकता है। ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से साल 2026 में यात्रियों की संख्या पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने चेतावनी दी है कि इस स्थिति के कारण हवाई यात्रा और टिकटों के दाम प्रभावित होंगे।

ईरान युद्ध से हवाई यात्रा पर क्या असर पड़ा है?

फरवरी 28 को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद मिडिल ईस्ट का हवाई क्षेत्र बंद हो गया था। मार्च महीने में इस रूट पर ट्रैफिक 51.1% तक गिर गया। लोग अब दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे बड़े हब से बचने लगे हैं, जिससे उड़ानों के रूट बदले गए हैं। इस वजह से एशिया-पैसिफिक और अफ्रीका जाने वाले ट्रैफिक में क्रमशः 31.1% और 23.3% की बढ़ोत्तरी हुई है।

Heathrow Airport की मौजूदा स्थिति और भविष्य की योजना क्या है?

पहली तिमाही में Heathrow ने 18.9 मिलियन यात्रियों को संभाला, जो पिछले साल के मुकाबले 3.7% ज़्यादा है। मार्च में ट्रांसफर यात्रियों की संख्या 10% बढ़ी क्योंकि लोग मिडिल ईस्ट के रूट छोड़कर यहाँ से जा रहे हैं। एयरपोर्ट की CFO सैली डिंग ने बताया कि Heathrow अब पूरी क्षमता पर चल रहा है, जिसकी वजह से यात्रियों के लिए विकल्प कम होंगे और किराए बढ़ सकते हैं।

तनाव के बावजूद एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने इस साल सुधार कार्यों के लिए 1.3 बिलियन पाउंड के निवेश की योजना बनाई है। इसमें टर्मिनल 4, टर्मिनल 5 का ट्रांजिट सिस्टम और टर्मिनल 2 के बैगेज सिस्टम को अपडेट किया जाएगा। इस युद्ध से कई बड़ी एयरलाइंस प्रभावित हुई हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • British Airways
  • Qatar Airways
  • Etihad
  • Gulf Air
  • Kuwait Airways
  • El Al

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान युद्ध की वजह से हवाई टिकट महंगे होंगे?

हाँ, Heathrow की CFO सैली डिंग के अनुसार एयरपोर्ट अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रहा है, जिससे यात्रियों के लिए विकल्प कम हो गए हैं और टिकटों के दाम बढ़ सकते हैं।

मिडिल ईस्ट के हवाई ट्रैफिक में कितनी गिरावट आई है?

ईरान युद्ध और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण मार्च महीने में मिडिल ईस्ट के रूट पर ट्रैफिक में 51.1% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.