फिलिस्तीन के हेब्रोन इलाके में चुनाव के दौरान भारी तनाव देखा गया। यहाँ एक पोलिंग स्टेशन पर इसराइली सेना ने अचानक छापेमारी की जिससे कई फिलिस्तीनी घायल हो गए। यह हमला उस समय हुआ जब लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए वोट डालने पहुँचे थे।

ℹ️: US और Iran की बड़ी मीटिंग रद्द, डोनाल्ड ट्रम्प ने अचानक बदला फैसला, पाकिस्तान जाने वाले दूतों का सफर रोका

Hebron में क्या हुआ और कितने लोग घायल हुए?

WAFA News Agency की रिपोर्ट के मुताबिक इसराइली सैनिकों ने हेब्रोन इलाके के खिरबत खल्लात अल-मिया गाँवों के एक पोलिंग स्टेशन पर हमला किया। इस छापेमारी के दौरान सैनिकों ने फिलिस्तीनियों के साथ मारपीट की। Palestinian Red Crescent Society ने इस बात की पुष्टि की कि उनके équipes ने 6 लोगों का इलाज किया जिनके शरीर पर पिटाई के निशान थे।

फिलिस्तीन के चुनावों की क्या स्थिति है?

  • वोटिंग की जगह: 25 अप्रैल 2026 को वेस्ट बैंक और गाजा के देइर अल-बलाह इलाके में नगर पालिका चुनाव हुए।
  • नेताओं का बयान: फिलिस्तीन के राष्ट्रपति Mahmoud Abbas ने अल-बिरेह में अपना वोट डाला और कहा कि चुनौतियाँ होने के बावजूद लोग लोकतंत्र का हिस्सा बनकर खुश हैं।
  • चुनाव का मकसद: Central Elections Commission (CEC) के प्रवक्ता Fareed Taamallah ने बताया कि इन चुनावों का मुख्य उद्देश्य वेस्ट बैंक और गाजा को एक राजनीतिक सिस्टम के तौर पर जोड़ना है।
  • UN की राय: संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी Ramiz Alakbarov ने इसे मुश्किल समय में लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल का एक अहम मौका बताया।

चुनाव में आई चुनौतियाँ और अन्य अपडेट

इन चुनावों में वोट डालने वाले लोगों की संख्या काफी कम रही। गाजा के देइर अल-बलाह इलाके में युद्ध की वजह से काफी नुकसान हुआ था जिससे चुनाव सामग्री पहुँचाने और वोटिंग कराने में बहुत दिक्कतें आईं। इसके अलावा वेस्ट बैंक में इसराइली सैन्य कार्रवाई और बस्तियों के हमलों के बीच यह चुनाव कराए गए। एक सर्वे के मुताबिक गाजा और वेस्ट बैंक दोनों जगहों पर Hamas अभी भी सबसे लोकप्रिय गुट बना हुआ है।