लेबनान के दक्षिणी हिस्से में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इज़रायली सेना के वाहनों और सैनिकों को निशाना बनाकर हमला किया है। इस हमले में गाइडेड मिसाइल का इस्तेमाल किया गया और इसे सीधा निशाना बताया गया है। इस घटना के बाद सीमा क्षेत्र में हालात और गंभीर हो गए हैं।
हमला कहाँ और कैसे किया गया
लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) के मुताबिक यह हमला 27 अप्रैल, 2026 को हुआ। हमला कफरकेला इलाके के बाहरी हिस्से तेल अल-नहास क्षेत्र में किया गया। हिजबुल्लाह ने यहाँ इज़रायली सैनिकों और उनके सैन्य वाहनों के एक समूह पर एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल दागी। हालांकि, इज़रायल की ओर से इस विशिष्ट दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
पिछले कुछ दिनों में हुई अन्य घटनाएँ
- 26 अप्रैल, 2026: हिजबुल्लाह ने इज़रायली सेना पर तीन हमले किए। इसमें ड्रोन के झुंड से तोपखाने की स्थिति और तैयबेह शहर में सैनिकों के जमावड़े को निशाना बनाया गया।
- हताहतों की संख्या: इज़रायली सेना ने बताया कि 26 अप्रैल को हुई लड़ाई में एक सैनिक मारा गया और छह अन्य घायल हुए। वहीं, इज़रायली हमलों में दक्षिणी लेबनान के 14 लोग मारे गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे।
- 23 अप्रैल, 2026: हिजबुल्लाह ने एक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल दागी थी, लेकिन इसमें कोई घायल नहीं हुआ।
संघर्ष विराम और बड़े नेताओं के बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की थी। यह मूल संघर्ष विराम 16 अप्रैल, 2026 को लागू हुआ था। इसके बावजूद हिंसा जारी है। इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने सेना को हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ज़ोरदार हमला करने का निर्देश दिया है। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह का कहना है कि उनके हमले लेबनान की रक्षा के लिए हैं और वे विफल कूटनीति पर भरोसा नहीं करेंगे।