लेबनान के अल-कंतारा इलाके में हिजबुल्ला और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. हिजबुल्ला ने इसराइली सैनिकों और उनके ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट से हमले किए हैं. इस बीच इसराइल ने भी जवाबी कार्रवाई की है जिससे दोनों तरफ जान-माल का नुकसान हुआ है.

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हिजबुल्ला ने इसराइल पर हमला क्यों किया?

हिजबुल्ला ने दावा किया कि यह हमला इसराइल द्वारा सीजफायर यानी युद्धविराम के नियमों को तोड़ने का जवाब है. हिजबुल्ला के मुताबिक, इसराइल दक्षिण लेबनान में आम नागरिकों को निशाना बना रहा था. हिजबुल्ला सांसद हुसैन हज्जा हसन ने कहा कि अगर दुश्मन सीजफायर का पालन करेगा तो वे भी करेंगे, वरना जवाब देना उनका हक है. उन्होंने इसे लेबनान और यहाँ के लोगों की रक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया.

हमले में क्या नुकसान हुआ और कौन से हथियार इस्तेमाल हुए?

इसराइली सेना (IDF) ने पुष्टि की कि एक ठेकेदार की मौत हो गई जो युद्ध मंत्रालय से जुड़ी कंपनी के लिए काम कर रहा था. हिजबुल्ला ने ड्रोन के जरिए अल-कंतारा स्क्वायर में सैनिकों के जमावड़े, एक बुलडोजर और एक मेरकावा टैंक को निशाना बनाया और उनके सीधे हिट होने का दावा किया. इसराइल के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने माना कि हिजबुल्ला ने इस बार फाइबर-ऑप्टिक गाइडेंस वाले ड्रोन इस्तेमाल किए हैं, जिन्हें जैम करना मुश्किल है. यह इसराइल की सेना के लिए एक बड़ा और चौंकाने वाला हमला था.

इसराइल की जवाबी कार्रवाई और सुरंगों की तबाही

2 मई को इसराइल ने दक्षिण लेबनान के अलग-अलग इलाकों जैसे कफार दजाल और ल्वाइज़ेह में हवाई हमले किए. रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों में करीब 7 से 10 लोगों की जान चली गई. इसके अलावा, इसराइल ने जानकारी दी कि उन्होंने 28 अप्रैल को अल-कंतारा में हिजबुल्ला की दो बड़ी सुरंगें नष्ट कर दी हैं. ये सुरंगें करीब 2 किलोमीटर लंबी और 25 मीटर गहरी थीं, जिन्हें ईरान के मार्गदर्शन में बनाया गया था.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या लेबनान और इसराइल के बीच युद्धविराम लागू है?

हाँ, 17 अप्रैल से सीजफायर लागू था जिसे तीन हफ्ते और बढ़ाया गया था, लेकिन अब दोनों पक्ष इसका उल्लंघन कर रहे हैं.

इसराइल ने हमलों को कैसे रोकने की कोशिश की?

IDF ने बताया कि उन्होंने हिजबुल्ला द्वारा दागे गए एक रॉकेट को हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया, हालांकि कुछ ड्रोन हमले सफल रहे.