Hezbollah ने इसराइल पर किया हमला, सीज़फ़ायर के नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप, उत्तरी इलाके में दागे रॉकेट और ड्रोन

इसराइल और लेबनान के बीच चला रहा 10 दिन का सीज़फ़ायर अब खतरे में लग रहा है. हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल के Kfar Giladi इलाके में रॉकेट और ड्रोन से हमला किया है. इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बहुत ज़्यादा बढ़ गया है.

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हिज़्बुल्लाह ने हमला क्यों किया और क्या हुआ?

हिज़्बुल्लाह ने बताया कि उसके लड़ाकों ने उत्तरी इसराइल के एक आर्टिलरी पोजीशन पर रॉकेट और अटैक ड्रोन दागे. संगठन का दावा है कि सीज़फ़ायर शुरू होने के बाद से इसराइल ने 200 से ज़्यादा बार नियमों को तोड़ा है. लेबनान के दक्षिणी इलाकों में आम लोगों पर हमले और घरों को तबाह करने के जवाब में यह कार्रवाई की गई. हिज़्बुल्लाह ने इसे लेबनान के लोगों की रक्षा और कब्जे के खिलाफ अपना हक बताया.

इसराइल की सेना और सरकार का क्या जवाब है?

इसराइल की सेना यानी IDF ने पुष्टि की कि लेबनान की तरफ से रॉकेट और ड्रोन दागे गए. IDF ने बताया कि उन्होंने लेबनान से आए एक ड्रोन को हवा में ही रोक लिया और जिस लॉन्चर से हमला हुआ उसे तबाह कर दिया. इस दौरान उत्तरी इसराइल के Kfar Yuval और Ma’ayan Baruch इलाकों में खतरे के सायरन भी बजे. हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं आई है. इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने पहले ही कहा था कि वे दक्षिण लेबनान के कुछ इलाकों पर अपना कंट्रोल रखेंगे.

लेबनान की स्थिति और मौजूदा हालात क्या हैं?

लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) ने रिपोर्ट दी कि इसराइल की तरफ से दक्षिणी लेबनान में गोलाबारी जारी है और कई गांवों में बुनियादी ढांचा तबाह किया गया है. लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम ने कहा कि उनकी सरकार किसी टकराव की तलाश में नहीं है, लेकिन वे किसी के दबाव में भी नहीं आएंगे. बता दें कि यह 10 दिन का सीज़फ़ायर 16 अप्रैल 2026 को अमेरिका की मदद से लागू हुआ था, जिसका मकसद लंबी बातचीत का रास्ता खोलना था.