लेबनान और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। हिजबुल्लाह ने दक्षिण लेबनान में इसराइली टैंकों पर सिलसिलेवार हमले किए हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच युद्ध विराम का समझौता था, लेकिन जमीन पर हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं और झड़पें तेज हो गई हैं।

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हिजबुल्लाह के हमले और नए ड्रोन का खतरा

हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में इसराइली सेना के खिलाफ 20 से 24 सैन्य ऑपरेशन किए। इन हमलों में मिसाइल, आर्टिलरी और स्ट्राइक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। खास तौर पर नबतीह क्षेत्र के हौला और अल-बयादा में इसराइल के मेरकावा टैंकों को निशाना बनाया गया।

  • हिजबुल्लाह ने फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन का उपयोग किया जो सस्ते होते हैं और जिन्हें रोकना मुश्किल होता है।
  • इन ड्रोन्स की वजह से इसराइली सैनिकों और ठेकेदारों की मौत और गंभीर चोटें आई हैं।
  • हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि आने वाली बातचीत में हथियारों पर कोई समझौता नहीं होगा।

इसराइली सेना की कार्रवाई और हुए नुकसान

इसराइल की सेना (IDF) ने लिटानी नदी के पास एक स्पेशल ऑपरेशन चलाया जिसका मकसद रॉकेट लॉन्चरों को खत्म करना था। IDF ने बताया कि पिछले 24 घंटों में लेबनान में करीब 45 ठिकानों पर हमला किया गया, जिनमें कमांड सेंटर और हथियारों के डिपो शामिल थे। इस दौरान करीब 15 हिजबुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया गया।

इस संघर्ष में दोनों तरफ जान-माल का नुकसान हुआ है। लेबनान के कफार दूनिने में इसराइली हमले में 6 लोग मारे गए और 7 घायल हुए। वहीं, नबतीह में बचाव कार्य के दौरान लेबनानी सिविल डिफेंस के दो सदस्य मारे गए। इसराइल के भी 8 सैनिक लिटानी नदी के उत्तर में हुई झड़पों में घायल हुए हैं।

शांति वार्ता और अंतरराष्ट्रीय स्थिति

इतने तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की कोशिशें जारी हैं। अमेरिका 14 और 15 मई को वॉशिंगटन डी.सी. में लेबनान और इसराइल के बीच शांति वार्ता की मेजबानी करेगा। लेबनान के नेताओं ने अमेरिकी राजदूत से आग्रह किया है कि वे इसराइल पर हमले रोकने के लिए दबाव डालें। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार युद्ध विराम लागू होने के बाद से अब तक 380 लोगों की मौत हो चुकी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान और इसराइल के बीच युद्ध विराम की क्या स्थिति है?

एक अस्थायी युद्ध विराम 17 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ था, जिसे 17 मई 2026 तक बढ़ाया गया था, लेकिन दोनों पक्षों ने इस समझौते के उल्लंघन और हमलों की बात स्वीकार की है।

इसराइल के लिए हिजबुल्लाह के ड्रोन क्यों खतरनाक साबित हो रहे हैं?

हिजबुल्लाह फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जो सस्ते और डिस्पोजेबल होते हैं। इन्हें जैम करना मुश्किल होता है, जिससे ये इसराइल के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा दे देते हैं।