सीज़फ़ायर के बावजूद इसराइल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। हिज़्बुल्ला ने पिछले 24 घंटों में इसराइली सेना पर 11 अलग-अलग हमले किए हैं। यह संख्या सीज़फ़ायर लागू होने के बाद से एक दिन में किए गए सबसे ज़्यादा हमले हैं, जिससे पूरे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल है।
हिज़्बुल्ला ने कहाँ और कैसे किया हमला?
हिज़्बुल्ला ने जानकारी दी कि उन्होंने Naqoura में मौजूद इसराइली सैनिकों की जमावट पर अटैक ड्रोन से हमला किया। इसके अलावा al-Bayyada इलाके में सैनिकों की पोजीशन और मिलिट्री गाड़ियों को निशाना बनाया गया, जिसमें सीधे हिट होने का दावा किया गया है। हिज़्बुल्ला ने यह भी बताया कि उनके एक ड्रोन ने al-Bayyada में एक Namera वाहन को निशाना बनाया, जिसमें कमांड टीम सवार थी।
इसराइली सेना और अमेरिका का इस पर क्या कहना है?
इसराइली सेना (IDF) ने कन्फर्म किया कि उन्होंने दक्षिणी लेबनान में कई संदिग्ध हवाई लक्ष्यों और रॉकेटों को हवा में ही रोक लिया। IDF के अनुसार, 3 मई 2026 को हुए इन हमलों में उनके किसी भी सैनिक को चोट नहीं आई। वहीं, अमेरिका ने इस विवाद को रोकने के लिए सीज़फ़ायर की अवधि को तीन हफ्ते और बढ़ाया था, लेकिन अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते के नियमों को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं।
लेबनान में हालात और जान-माल का नुकसान
लेबनान में हालात काफी गंभीर बने हुए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2 मार्च 2026 से अब तक करीब 2,700 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हिंसा के कारण 16 लाख से ज़्यादा लोगों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा है। हिज़्बुल्ला ने इन हमलों को लेबनान के लोगों के बचाव और सीज़फ़ायर के उल्लंघन का जवाब बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हिज़्बुल्ला ने इसराइली सेना पर कितने हमले किए?
हिज़्बुल्ला ने 3 और 4 मई 2026 के बीच कुल 11 ऑपरेशन्स किए, जो सीज़फ़ायर के बाद एक दिन में किए गए सबसे ज़्यादा हमले हैं।
क्या इन हमलों में इसराइली सेना को कोई नुकसान हुआ?
IDF के मुताबिक उन्होंने रॉकेट और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया और इन विशिष्ट हमलों में उनके किसी भी सैनिक को चोट नहीं आई।