हिजबुल्ला के चीफ शेख नईम कासिम ने इसराइल को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ़ कहा कि वे किसी भी हाल में घुटने नहीं टेकेंगे और जंग के मैदान को इसराइल के लिए नर्क बना देंगे. इस मौके पर उन्होंने ईरान द्वारा दी जा रही मदद के लिए उसका शुक्रिया भी अदा किया. यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है.

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इसराइल के साथ जंग और हिजबुल्ला का स्टैंड क्या है?

हिजबुल्ला के सेक्रेटरी जनरल शेख नईम कासिम ने 12 मई 2026 को एक बयान दिया. उन्होंने कहा कि रेजिस्टेंस मूवमेंट कभी भी युद्ध के मैदान को नहीं छोड़ेगा. उनके मुताबिक, हिजबुल्ला के हथियारों का मामला लेबनान का आंतरिक मुद्दा है और इस पर इसराइल के साथ कोई बातचीत नहीं होगी. उन्होंने यह भी साफ़ किया कि वे इसराइली हमलों के आगे न तो पीछे हटेंगे और न ही सरेंडर करेंगे, क्योंकि सरेंडर की कीमत रेजिस्टेंस से कहीं ज्यादा भारी होगी.

ईरान की भूमिका और अमेरिका के साथ सीज़फायर डील की सच्चाई

शेख नईम कासिम ने लेबनान और वहां के लोगों की मदद करने के लिए ईरान का आभार जताया. उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले एक संभावित सीज़फायर समझौते का जिक्र किया. कासिम के अनुसार, अगर इस समझौते में लेबनान पर हमलों को रोकने की बात शामिल होती है, तो यह हमलों को बंद करने का सबसे मजबूत जरिया होगा. इससे पहले अगस्त 2025 में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी हिजबुल्ला के लिए अपने मजबूत समर्थन की बात कही थी.

लेबनान में शांति के लिए हिजबुल्ला की क्या शर्तें हैं?

हिजबुल्ला ने लेबनान सरकार के साथ सहयोग करने की तैयारी जताई है ताकि कुछ खास लक्ष्यों को हासिल किया जा सके. उनकी मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

  • इसराइल के सैन्य ऑपरेशंस पूरी तरह बंद हों.
  • इसराइली सेना लेबनान से पूरी तरह वापस जाए.
  • लिटानी नदी के दक्षिण में लेबनानी सेना की तैनाती हो.
  • पकड़े गए कैदियों को रिहा किया जाए और विस्थापित लोग वापस लौटें.

हालांकि, उन्होंने इसराइल के साथ सीधी बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया है क्योंकि उनका मानना है कि इससे इसराइल को सीधा फायदा होगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

हिजबुल्ला ने इसराइल के साथ सीधी बातचीत करने से क्यों मना किया?

शेख नईम कासिम का मानना है कि सीधी बातचीत करने से इसराइल को शुद्ध लाभ होगा. उन्होंने साफ कहा कि उनके हथियार लेबनान का आंतरिक मामला हैं और इस पर कोई समझौता नहीं होगा.

ईरान-अमेरिका सीज़फायर डील का लेबनान पर क्या असर होगा?

हिजबुल्ला चीफ के अनुसार, यदि ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते में लेबनान पर हमले रोकने की शर्त शामिल होती है, तो यह इसराइल के हमलों को रुकवाने का सबसे शक्तिशाली तरीका साबित होगा.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com