Hezbollah Chief का बड़ा बयान: ईरान ने अमेरिका और इसराइल को हराया, लेबनान और इसराइल की बातचीत को बताया अपमानजनक

लेबनान में Hezbollah के प्रमुख Naim Qassem ने 4 अगस्त 2026 को एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि ईरान ने United States और इसराइल के खिलाफ एक बड़ी जीत हासिल की है। उनके अनुसार, सितंबर 2024 में इसराइल की आक्रामकता जो अचानक रुक गई थी, वह ईरान और अमेरिका के बीच हुए एक रणनीतिक समझौते का नतीजा थी। Naim Qassem का मानना है कि अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम में हार गया और ईरान विजयी बनकर उभरा है।
नेतृत्व और भविष्य की रणनीतियां
Naim Qassem ने अपने संबोधन में Ayatollah Seyyed Mojtaba Khamenei के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में ही आने वाले समय में और भी जीत हासिल की जाएंगी। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि अमेरिका में Donald Trump के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद भी इसराइल ईरान पर हमला करने से डर रहा है। इसका मुख्य कारण ईरान का मजबूत रुख और वही पुराना रणनीतिक समझौता है। उनके अनुसार, ईरान की जनता ने बड़ी संख्या में बाहर निकलकर अपने सर्वोच्च नेता के प्रति जो वफादारी दिखाई, उसने इस संघर्ष के दौरान देश को एकजुट रखा।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर असमंजस
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर काफी उलझी हुई खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 3-4 अगस्त 2026 के दौरान दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु कार्यक्रम को लेकर डील के लिए बातचीत चल रही है। उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर ये बातचीत सफल नहीं हुई तो यह उनके लिए आखिरी मौका होगा। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baqaei ने सीधे तौर पर अमेरिकी दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है और वे केवल Oman के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इस मामले पर पूर्व इसराइली सुरक्षा अधिकारी Avner Vilan ने कहा कि ईरान को अपनी जीत का अहसास है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका नियंत्रण बना हुआ है, जबकि अमेरिका किसी भी बड़े युद्ध से बचने की कोशिश कर रहा है।
लेबनान और इसराइल के बीच जारी वार्ता पर आपत्ति
Hezbollah प्रमुख ने लेबनान और इसराइल के बीच चल रही सीधी बातचीत की कड़ी निंदा की। उनका मानना है कि इस तरह की बातचीत से लेबनान को केवल शर्म, अपमान और निराशा ही मिलेगी। उन्होंने लेबनान सरकार से आग्रह किया कि वे वाशिंगटन की किसी भी शर्त या दबाव को न मानें। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब 4 से 6 अगस्त 2026 के बीच रोम में अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इसराइल के बीच बातचीत का एक नया दौर शुरू होने वाला है। इसका उद्देश्य भविष्य में शांति समझौता करना है, जैसा कि आधिकारिक सरकारी बयान में उल्लेख किया गया है। वर्तमान में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि इसराइली सेना लगातार Hezbollah के ठिकानों पर हमले कर रही है और दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों पर कब्जा बरकरार है। हमास के प्रवक्ता Ghazi Hamad ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रतिरोध हमास का पवित्र मिशन है और वे लड़ाई जारी रखेंगे। इस तनावपूर्ण माहौल की विस्तृत जानकारी सरकारी प्रेस रिलीज पर भी देखी जा सकती है।