Hezbollah के चीफ Naim Qassem ने लेबनान सरकार और इसराइल के बीच होने वाली बातचीत का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने सरकार से कहा है कि इस तरह की बातचीत देश के लिए ठीक नहीं है। 27 अप्रैल 2026 को आए अपडेट के मुताबिक, उन्होंने सरकार को इस मामले पर आपस में चर्चा करने की सलाह दी है।

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Naim Qassem ने इसराइल के साथ बातचीत का विरोध क्यों किया?

Naim Qassem ने इसराइल के साथ सीधी बातचीत को एक बहुत बड़ी गलती बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी बातचीत लेबनान में अस्थिरता पैदा करेगी। उनका कहना था कि इस तरह की सीधी बातचीत और उनके नतीजों का Hezbollah के लिए कोई मतलब नहीं है और न ही वे इससे प्रभावित होंगे। उन्होंने साफ़ कर दिया कि Hezbollah लेबनान और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए अपना प्रतिरोध जारी रखेगा।

पहले क्या हुआ था और अब क्या मांग है?

Hezbollah चीफ ने पहले भी इस तरह की बातचीत को बेकार बताया था। इस मामले से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • पुरानी चेतावनी: 13 और 14 अप्रैल 2026 के आसपास उन्होंने वॉशिंगटन में लेबनान और इसराइल के राजदूतों की मीटिंग को रद्द करने की मांग की थी।
  • सहमति की जरूरत: उनका मानना है कि किसी भी फैसले के लिए देश के अंदर सबकी सहमति होना जरूरी है।
  • ताजा मांग: अब उन्होंने लेबनान सरकार से ‘internal dialogue’ यानी आपसी बातचीत शुरू करने को कहा है ताकि देश में स्थिरता बनी रहे।