Hezbollah के नेताओं ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान और ‘रेजिस्टेंस’ आंदोलन को पूरी तरह खत्म करने की अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय कोशिशें नाकाम रही हैं। उनके मुताबिक अब एक नए दौर की शुरुआत हुई है जहाँ अमेरिका और इसराइल का प्रोजेक्ट हार चुका है।

शेख नईम कासिम का बड़ा बयान

Hezbollah के सेक्रेटरी जनरल शेख नईम कासिम ने 18 जून से 21 जून 2026 के बीच कई बार यह बात दोहराई। उन्होंने लेबनान में अशूरा काउंसिल्स के दौरान कहा कि ईरान और इस क्षेत्र में रेजिस्टेंस को मिटाने की साजिश फेल हो गई है। उन्होंने ईरान को इस जीत की बधाई दी और कहा कि वाशिंगटन का औपनिवेशिक प्रोजेक्ट अब टूट चुका है।

US-Iran MoU और लेबनान का मुद्दा

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है। इसका मकसद मिडिल ईस्ट के सभी मोर्चों पर जंग को खत्म करना है। Hezbollah नेताओं ने इसे ईरान की एक बड़ी जीत माना है। उन्होंने बताया कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान लेबनान को प्राथमिकता दी और लेबनान के खिलाफ हमले रोकने की मांग की।

अन्य नेताओं की राय और ताजा हालात

Hezbollah के संसदीय ब्लॉक के प्रमुख मोहम्मद राद ने भी 18 जून को कहा कि इसराइल लेबनान में इस ग्रुप को खत्म करने में नाकाम रहा। हालांकि, दूसरी तरफ इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके सुरक्षा लक्ष्य पूरे नहीं होते, वे दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे।

स्विट्जरलैंड में बातचीत और धमकी

21 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही थी। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईरान ने Hezbollah की गतिविधियों को कम नहीं किया, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है।