लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह ने इजरायली नौसेना के एक युद्धपोत पर मिसाइल हमले का दावा किया है। इस घटना का एक वीडियो ईरानी समाचार एजेंसी IRNA द्वारा जारी किया गया है, जिसमें नूर एंटी-शिप क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल दिखाया गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इलाके में तनाव पहले से ही बहुत ज्यादा है और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।

हिजबुल्लाह ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?

हिजबुल्लाह के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हमला 5 अप्रैल 2026 की रात को किया गया था। बताया गया है कि इजरायली युद्धपोत लेबनानी तट से करीब 126 किलोमीटर दूर समुद्र में तैनात था। समूह का दावा है कि यह जहाज लेबनान की सीमा के भीतर हमला करने की योजना बना रहा था, तभी इसे क्रूज मिसाइल से निशाना बनाया गया और इस पर सीधा हमला हुआ। 2006 के युद्ध के बाद यह पहली बार है जब हिजबुल्लाह ने इस तरह के समुद्री हमले की जिम्मेदारी ली है।

इजरायल का क्या कहना है और हालात कितने गंभीर हैं?

  • इजरायली सेना का जवाब: इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने हमले की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उनका कोई भी जहाज किसी हमले की चपेट में नहीं आया है।
  • सैन्य विशेषज्ञों की राय: इजरायल के चैनल 12 की एक रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य सूत्र हिजबुल्लाह की दोबारा बढ़ती ताकत को देखकर हैरान हैं और पिछली आकलन रिपोर्ट गलत साबित हो सकती है।
  • ईरान की भूमिका: ईरान ने इस तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोकना शुरू कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ सकता है।
  • यमन का कनेक्शन: उसी दिन यमन के हूती विद्रोहियों ने भी तेल अवीव की तरफ मिसाइलें दागकर इस पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति को और हवा दे दी है।

घटनाक्रम से जुड़ी अहम जानकारियां

नीचे दी गई टेबल में पिछले कुछ दिनों की बड़ी घटनाओं का विवरण दिया गया है जिससे क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का पता चलता है।

तारीख मुख्य घटना
5 अप्रैल 2026 हिजबुल्लाह ने इजरायली जहाज पर मिसाइल दागने का दावा किया।
8 अप्रैल 2026 ईरान ने इजरायली हमलों के विरोध में सीजफायर समझौते से हटने की धमकी दी।
9 अप्रैल 2026 ईरान की सरकारी एजेंसी ने हमले का वीडियो जारी किया और समुद्र में रास्ते बंद करना शुरू किया।