14 मई 2026 को हिज़्बुल्लाह ने इसराइल के इलाके में एक विस्फोटक ड्रोन गिराया। इस हमले में कई इसराइली नागरिक घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है और इसराइल ने लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है।

🗞️: Pakistan में बढ़ा खतरा, शहरों की भीड़ ने छीनी खेतों की जगह, अब खाने के लिए होगा संघर्ष.

इसराइल में ड्रोन हमले से क्या नुकसान हुआ?

इसराइल की सेना (IDF) ने बताया कि हिज़्बुल्लाह का ड्रोन लेबनान सीमा के पास Rosh Hanikra इलाके में एक पार्किंग लॉट में गिरा। इस हमले में तीन नागरिक घायल हुए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सैन्य और अस्पताल अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। हैरान करने वाली बात यह रही कि हमले के दौरान इलाके में कोई सायरन नहीं बजा, जिससे यह संकेत मिलता है कि सेना इस ड्रोन का पता नहीं लगा पाई।

हिज़्बुल्लाह का दावा और इसराइल की जवाबी कार्रवाई

हिज़्बुल्लाह ने इस ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दक्षिण लेबनान में इसराइली ठिकानों पर कुल 17 हमले किए हैं। हिज़्बुल्लाह के अनुसार यह कार्रवाई इसराइल द्वारा युद्धविराम के नियमों को तोड़ने के जवाब में की गई।

दूसरी तरफ, IDF के अरबी प्रवक्ता Avichay Adraee ने लेबनान के कई शहरों जैसे Labaya, Sahmar, Taffahata, Kafr Malek, Yahmor, Ain Tineh, Houmin al-Fouqa और Mazra’at Sinai के निवासियों को तुरंत इलाका खाली करने की चेतावनी दी है। इसराइल ने दक्षिण लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले भी शुरू कर दिए हैं।

क्या था युद्धविराम समझौता और अमेरिका की भूमिका?

इसराइल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से 16 अप्रैल 2026 को एक युद्धविराम समझौता हुआ था। इसका मकसद मार्च 2026 से शुरू हुई लड़ाई को रोकना था। इस समझौते के बाद स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। इसी बीच 14 मई 2026 को वाशिंगटन डीसी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत होनी तय थी, लेकिन इस ड्रोन हमले ने शांति की कोशिशों को बड़ा झटका दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ड्रोन हमला कहाँ हुआ और कितने लोग घायल हुए?

ड्रोन हमला इसराइल-लेबनान सीमा के पास Rosh Hanikra इलाके में हुआ। इस हमले में तीन नागरिक घायल हुए, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

इसराइल ने लेबनान के लोगों को इलाका खाली करने को क्यों कहा?

हिज़्बुल्लाह के ड्रोन हमले के जवाब में IDF ने लेबनान में सैन्य कार्रवाई शुरू की है। इसी कारण Labaya और Sahmar जैसे शहरों के नागरिकों को सुरक्षा के लिए वहां से हटने का आदेश दिया गया।