लेबनान के Taybeh शहर में Hezbollah ने इसराइली सैनिकों पर ड्रोन से हमला किया है। Hezbollah का कहना है कि इस हमले में इसराइली सैनिकों को काफी नुकसान पहुँचा है। यह हमला उस समय हुआ है जब दोनों देशों के बीच ceasefire (युद्धविराम) को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है।

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Hezbollah ने ड्रोन हमला क्यों किया?

Hezbollah ने दावा किया कि उन्होंने यह हमला इसराइल द्वारा ceasefire नियमों के उल्लंघन के जवाब में किया है। संगठन के मुताबिक, इसराइल ने दक्षिण लेबनान के गाँवों में बार-बार हमले किए जिससे आम नागरिक मारे गए। इसी का बदला लेने के लिए Hezbollah ने ड्रोन का इस्तेमाल कर सैनिकों और एक इवैक्यूएशन यूनिट को निशाना बनाया।

इसराइल और लेबनान में वर्तमान स्थिति क्या है?

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने IDF (इजरायल डिफेंस फोर्सेज) को Hezbollah के ठिकानों पर जोरदार हमला करने का आदेश दिया था। इसराइल का कहना है कि Hezbollah ने उत्तरी इलाकों में रॉकेट और ड्रोन भेजकर युद्धविराम तोड़ा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 25 अप्रैल को हुए हमलों में 7 लोग मारे गए और 24 घायल हुए, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। इस पूरे संघर्ष में अब तक कुल 2,496 लोगों की मौत हो चुकी है और 7,725 लोग घायल हुए हैं।

ceasefire और अमेरिका की क्या भूमिका रही?

इसराइल और लेबनान के बीच ceasefire समझौते में अमेरिका ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इस समझौते की समय सीमा को तीन हफ्ते और बढ़ाया गया था, लेकिन अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर नियमों को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। इसराइल ने इस truce (समझौते) के विस्तार को बेकार बताया है और अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी है।