लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हिज़बुल्लाह ने इसराइल के खिलाफ एक नया और खतरनाक हथियार इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ये छोटे फाइबर ऑप्टिक ड्रोन हैं जो इसराइल के सैनिकों और टैंकों को निशाना बना रहे हैं। इन ड्रोन्स की सबसे बड़ी बात यह है कि इन्हें पहचानना बहुत मुश्किल है और इन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जाम भी नहीं किया जा सकता।
फाइबर ऑप्टिक ड्रोन क्या हैं और ये कैसे काम करते हैं?
ये ड्रोन बहुत छोटे और सस्ते होते हैं, जिन्हें बच्चों के खिलौनों जैसा बताया गया है। एक्सपर्ट Arie Aviram के मुताबिक, ये ड्रोन रेडियो सिग्नल का इस्तेमाल नहीं करते, इसलिए इन्हें इलेक्ट्रॉनिक जासूसी या जैमिंग सिस्टम से रोकना नामुमकिन है। ये बहुत नीचे और तेज़ी से उड़ते हैं, जिसकी वजह से रडार इन्हें पकड़ नहीं पाते।
इसराइल की सेना पर क्या असर पड़ा और अधिकारियों ने क्या कहा?
इसराइल की सेना ने माना है कि पिछले एक हफ्ते में ड्रोन हमलों में दो सैनिक और एक सिविलियन कॉन्ट्रैक्टर की मौत हो गई है। INSS की रिसर्चर Orna Mizrahi ने कहा कि इसराइल की सेना के पास अभी इन लो-टेक हथियारों का कोई जवाब नहीं है। वहीं, हिज़बुल्लाह के मीडिया अधिकारी Youssef al Zein ने कन्फर्म किया कि वे लेबनान में ही इन ड्रोन्स को बना रहे हैं और दुश्मन की कमजोरियों का फायदा उठा रहे हैं।
ये तकनीक कहाँ से आई और अब क्या स्थिति है?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह के फाइबर ऑप्टिक ड्रोन्स का इस्तेमाल सबसे पहले यूक्रेन की जंग में देखा गया था, जिसे अब हिज़बुल्लाह ने अपना लिया है। हिज़बुल्लाह के मुताबिक, मार्च से दक्षिणी लेबनान में नए हथियार और सैनिक भेजे गए हैं। इसराइल के कमांडरों में इस नई तकनीक को लेकर काफी परेशानी है क्योंकि उन्हें सिर्फ अलर्ट रहकर इन्हें गिराने की कोशिश करनी पड़ रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल इन ड्रोन्स को जाम क्यों नहीं कर पा रहा है?
ये ड्रोन रेडियो सिग्नल्स के बजाय फाइबर ऑप्टिक केबल का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए इन्हें इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम के जरिए रोकना या सिग्नल ब्लॉक करना संभव नहीं है।
इन ड्रोन्स का निर्माण कहाँ हो रहा है?
हिज़बुल्लाह के मीडिया अधिकारी Youssef al Zein के अनुसार, ये ड्रोन लेबनान में ही बनाए जा रहे हैं और इनमें बाजार में मिलने वाले आम पुर्जों का इस्तेमाल किया गया है।