लेबनान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच अब युद्धविराम को लेकर नई बातें सामने आई हैं। हिज्बुल्लाह के नेताओं ने साफ कहा है कि वे शांति चाहते हैं लेकिन इसके लिए इजरायल को पूरी तरह नियमों का पालन करना होगा। दूसरी तरफ इजरायल ने जमीन पर अपनी अलग ही रणनीति अपनाई है जिससे मामला और उलझ गया है।

🚨: Kuwait Court Case: सात महीने की बच्ची की मौत मामले में सज़ा कम, 5 साल की जगह अब 2 साल की जेल

हिज्बुल्लाह ने युद्धविराम के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

हिज्बुल्लाह के सांसद Hassan Fadlallah ने कहा है कि अगर इजरायल पूरी तरह से युद्धविराम का पालन करता है, तो उनका संगठन भी इस संघर्ष विराम को बनाए रखना चाहता है। वहीं संगठन के नेता नईम कासिम ने चेतावनी दी है कि युद्धविराम का मतलब पूरी तरह से हमले बंद होना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि अगर इजरायल दक्षिणी लेबनान में किसी भी तरह का उल्लंघन करता है, तो उसका जवाब दिया जाएगा। कासिम के मुताबिक एकतरफा युद्धविराम संभव नहीं है और आक्रामक कार्रवाई जारी रहने पर लड़ाके उसी हिसाब से जवाब देंगे।

इजरायल की ‘पीली रेखा’ क्या है और इसका क्या असर होगा?

इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में पीली रेखा नाम की एक नई सीमा बनाने का ऐलान किया है। यह रेखा लेबनानी इलाके में 5 से 8 किलोमीटर अंदर तक फैली हुई है और लगभग 500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करती है। इसे किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते या संयुक्त राष्ट्र ने मान्यता नहीं दी है। इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज़ ने कहा है कि हिज्बुल्लाह के साथ हुआ युद्धविराम अस्थायी है और उनकी सेना उन सभी क्षेत्रों पर कब्जा बनाए रखेगी जहाँ उन्होंने जीत हासिल की है।

लेबनान में अभी क्या हालात हैं और सरकार ने क्या सलाह दी है?

10 दिनों के युद्धविराम के बावजूद इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान जारी रखा, जहाँ घरों को गिराया गया और सड़कों को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। लेबनानी संसद के स्पीकर नबिया बेरी ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट न हो जाए, तब तक वे अपने घरों को लौटने में जल्दबाजी न करें। वहीं संसद सदस्य हुसैन हाज हसन ने दावा किया कि यह युद्धविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव के कारण हुआ है। हमास के प्रवक्ता ने इसे इजरायली सेना की अक्षमता बताया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.