Hezbollah ने इसराइल के सैनिकों पर ड्रोन से हमला किया है। इसके जवाब में इसराइल ने लेबनान के दक्षिणी इलाकों में भारी बमबारी की है, जिसमें कई लोगों की जान गई है। दोनों देशों के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि अब मामला सुलझाने के लिए अमेरिका में बैठक होने वाली है।

ℹ️: Hezbollah ने किया बड़ा हमला, West Bank के Taybeh में सैन्य वाहन को ड्रोन से निशाना बनाया

Hezbollah और इसराइल के बीच क्या हुआ

Hezbollah ने दावा किया कि उन्होंने उत्तरी इसराइल के Yir’on इलाके में सैनिकों को ड्रोन से निशाना बनाया। इस हमले के बाद Kiryat Shmona समेत कई शहरों में सायरन बज उठे। वहीं, इसराइली सेना (IDF) ने लेबनान में एक रॉकेट लॉन्चर को तबाह किया और वहां भीषण मुठभेड़ की खबर दी। इसराइल ने पिछले वीकेंड में Hezbollah के 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए।

लेबनान में तबाही और बातचीत की तैयारी

इसराइल के हवाई हमलों में लेबनान के Maaroub और Qana शहरों में कम से कम 11 लोग मारे गए और कई घायल हुए। इस बीच, इसराइल और लेबनान 14 अप्रैल को वाशिंगटन में सीधी बातचीत के लिए सहमत हुए हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि वे Hezbollah के साथ किसी युद्धविराम (ceasefire) पर चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि वे उन्हें एक आतंकवादी संगठन मानते हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच क्यों टूटी बात

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता हुई, लेकिन यह किसी नतीजे पर नहीं पहुँची। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि जब तक लेबनान में युद्ध नहीं रुकता और ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस नहीं मिलती, तब तक कोई बात नहीं होगी। फिलहाल अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर ही वार्ता विफल होने का आरोप लगा रहे हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.